Indian Police Logo Colors: हम अक्सर भारत की डिफेंस फोर्स के बारे में बात करते हैं. डिफेंस फोर्सेस से जुड़ी बातें जानने में अक्सर हम बेहद दिलचस्पी रखते हैं. ऐसे में आज हम आपको भारतीय पुलिस से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें बताने जा रहे हैं. हालांकि, भारत में हर एक प्रदेशों की अपनी अलग-अलग पुलिस सर्विस है. पुलिस विभाग में अलग-अलग रैंक के अधिकारी-कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं.


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वैसे तो देश के तकरीबन हर राज्य में पुलिस की यूनिफॉर्म का कलर खाकी है, लेकिन क्या कभी आपने इसके लोगो पर गौर फरमाया है, कभी आपके मन में यह सवाल आया है कि पुलिस के लोगो में रेड और ब्लू कलर ही क्यों होता है? आखिर किया लॉजिक है इसके पीछे आइए यहां जानते हैं...


लोग में रंग का ये है मतलब
जानकारी जुटाने पर पता चलता है कि पुलिस की गाड़ियों में रेड और ब्लू कलर पहचान के लिए इस्तेमाल किया जाता है. पुलिस के लोगो में लाल रंग किसी भी तरह  की इमरजेंसी की सूचना देने और नीला रंग कानून और कानूनी क्रियावली का प्रतीक होता है.


पहले पुलिस की गाड़ियों में इन रंगों का इस्तेमाल खासकर इसलिए किया जाता था कि उन्हें दूर से ही पहचाना जा सके और उन्हें आम गाड़ियों से उन्हें अलग किया जा सके. इतना ही नहीं इन गहरे रंगों का इस्तेमाल गंभीर स्थितियों में आपातकालीन सूचना या संकेत भी देने के लिए किया जाता है.


ये दोनों रंग बन गए पुलिस की पहचान
पुलिस की गाड़ियों पर हूटर कालगा होता है, जिसका इस्तेमाल आपात स्थिति में पुलिस की मौजूदगी का संकेत दिलाने के लिए किया जाता है. लाल और नीले रंगों का उपयोग पुलिस की पहचान और मौजूदगी के लिए होता है, ताकि इमरजेंसी में जल्द से जल्द कार्रवाई की जा सके. पुलिस विभाग में कई सारे पद होते हैं. ऐसे में अधिकारी-कर्मचारी की पहचान उनकी यूनिफॉर्म पर लगे सितारे या बैज के जरिए होती है.