Bihar Niyojit Teacher: बिहार की नीतीश सरकार (Nitish Government) की ओर से नियोजित शिक्षकों को विशेष शिक्षक का दर्जा देने का निर्णय लिया गया है. हालांकि इससे पहले शिक्षकों को  सक्षमता परीक्षा देनी होगी. जो उम्मीदवार इस सक्षमता परीक्षा में सफल हो जाएंगे वो ही विशेष दर्जा पाने के हकदार होंगे. 


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ऐसे में ऐसी भी चर्चा हो रही थी कि जो शिक्षक इस सक्षमता परीक्षा में फैल हो जाएंगे, उनकी जॉब भी छिन सकती है. हालांकि ऐसा नहीं है, यदि कोई शिक्षक इस परीक्षा में सफल नहीं हो सकेगा उसकी नौकरी नहीं जाएगी. नीतीश सरकार की ओर से कुछ इस तरह का ही संकेत शिक्षकों को दिया गया है.   


शिक्षक नौकरी जाने के डर से थे ज्यादा भयभीत 
बता दें कि सक्षमता परीक्षा के फैसले के बाद से ही शिक्षकों में नौकरी जाने का भय शुरू हो गया. शिक्षकों को इस बात की चिंता सबसे ज्यादा थी कि जो शिक्षक इस सक्षमता परीक्षा में सफल नहीं हो पाएंगे, तो क्या उनकी नौकरी चली जाएगी? इस चिंता को लेकर राज्य के सभी शिक्षक भयभीत थे. इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में समरेंद्र कुमार सिंह ने एक याचिका दायर की. इस याचिका के आलोक में हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए शिक्षा विभाग को शपथ पत्र दायर करने को कहा था.   


शिक्षा विभाग द्वारा इस शपथ पत्र में कहा गया कि सक्षमता परीक्षा में सफल नहीं होने वाले शिक्षकों की नौकरी नहीं जाएगा. वहीं विशिष्ट शिक्षक का दर्जा पाने के लिए नियुक्त शिक्षकों को परीक्षा में सफल होना पड़ेगा. जिसके बाद उन शिक्षकों को देय वेतन और अन्य कई लाभ मिलेंगे. हालांकि शिक्षक केके पाठक की अध्यक्षता वाली कमेटी की उस अनुशंसा के चलते काफी ज्यादा परेशान थे, जिस कमेटी में कहा गया था कि परीक्षा में 5 बार फेल होने या अनुपस्थित रहने पर शिक्षकों की नौकरी जा सकती है. हालांकि अब शिक्षकों की सारी परेशानियां दूर हो गई है.


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