8 वर्ष बाद सिर्फ 75 घंटे में बदली डॉ. जाकिर हुसैन पार्क की किस्मत, जानिए कैसे
डॉ. जाकिर हुसैन पार्क बीते आठ वर्ष से पार्क बंद पड़ा था और देखभाल के अभाव में जहां-तहां घनी झाड़ियां उग आई थीं. साथ ही, पार्क में लगे झूले खराब हो चुके थे और गेट में भी जंग लगा हुआ था.
Ranchi: शहर के बीचों-बीच स्थित डॉ. जाकिर हुसैन पार्क में अब फिर से बच्चों की खिलखिलाहट गूंजने लगी है. तरह-तरह के रंग बिरंगे झूलों पर उन्हें झूलने का मौका मिल रहा है. पार्क में बच्चों के साथ पहुंचनेवाले अभिभावकों के चेहरे पर भी मुस्कान दिखती है. बच्चों व उनके अभिभावकों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए रांची नगर निगम की टीम ने तमाम कोशिश की और उसकी का नतीजा है कि सिर्फ 75 घंटे में ही डॉ. जाकिर हुसैन पार्क का जीर्णोद्धार का काम हो गया.
CM के निर्देश के बाद पार्क का हुआ सौंदर्यीकरण
जीर्णोद्धार के बाद यह पार्क शहरवासियों के लिए खोल दिया गया है. बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने ही में अधिकारियों को राजधानी के सौंदर्यीकरण और पार्कों के उचित देखभाल का निर्देश दिया था. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद नगर प्राधिकरण निदेशालय, झारखंड के तहत रांची नगर निगम (Ranchi Nagar Nigam) ने शहर के लोगों के लिए स्वच्छ वातावरण बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की है. इसके तहत 'रमनीक रांची' नामक एक समर्पित योजना भी शुरू की गई है.
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8 साल से बंद था पार्क
गौरतलब डॉ. जाकिर हुसैन पार्क बीते आठ वर्ष से पार्क बंद पड़ा था और देखभाल के अभाव में जहां-तहां घनी झाड़ियां उग आई थीं. साथ ही, पार्क में लगे झूले खराब हो चुके थे और गेट में भी जंग लगा हुआ था. लेकिन, नगर निगम की टीम ने मेहनत कर झाड़ियों व गंदगी को साफ किया.
जगमगा रहा पार्क
इस दौरान पार्क में लगे झूलों को दुरुस्त किया गया और नये झूले भी लगाये गए हैं. साथ ही, पार्क में रोशनी की बेहतरीन व्यवस्था की गई है. रंग-रोगन और नये स्वरूप में पार्क जनता को समर्पित किया जा चुका है.
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'रांची नगर निगम ने मिशन मोड पर किया काम'
वहीं, रांची नगर आयुक्त मुकेश कुमार ने कहा, 'पार्क को सुव्यवस्थित स्थिति में लाना एक कठिन लक्ष्य था, लेकिन हमने समय सीमा के भीतर इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए एक मिशन मोड पर काम किया. यह हमारे सहयोगी, सफाई कर्मचारियों एवं अन्य का संयुक्त प्रयास था. अब हम सभी को यह देखकर गर्व होता है कि अगर हम प्रतिबद्धता के साथ काम करते हैं, तो सुखद परिणाम हमारे सामने आता है.'