अपने कड़क आदेश और निर्देश के चलते सभी जनप्रतिनिधियों के निशाने पर रहे केके पाठक ने अब लगता है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भी बात सुननी कम कर दी है. बुधवार को बिहार के कई जिलों के स्कूलों से छात्र और छात्राओं के अलावा शिक्षकों के बेहोश होने की खबरें आईं तो शिक्षा विभाग में थोड़ी सरगर्मी दिखी. शाम होते होते मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को आदेश दे डाला कि वे स्कूलों को बंद कराने के संबंध में समुचित कार्रवाई करें. तत्काल बाद शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने स्कूलों के समय में बदलाव कर दिया, लेकिन स्कूलों को बंद करने का ऐलान नहीं किया. अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री के आदेशानुसार स्कूल बंद होते हैं या फिर स्कूलों के समय में केवल परिवर्तन किया जाता है. 


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मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को दिया आदेश


बिहार में भीषण गर्मी और भयंकर लू की चपेट से आपदा की स्थिति बन रही है. इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा को निर्देश दिया है कि आवश्यकतानुसार वर्तमान स्थिति को देखते हुये स्कूलों को बंद करने के संबंध में समुचित कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य प्रभावित न हो. मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को यह भी निर्देश दिया है कि वे क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक आयोजित कर वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अन्य आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें.


केके पाठक ने सरकारी स्कूलों का टाइम बदला


बिहार के सरकारी विद्यालयों में टाइमिंग को लेकर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने अपने आदेश में बदलाव करते हुए स्कूल के टाइम को बदला है. शिक्षा विभाग ने पत्र जारी कर कहा, 8 जून तक के लिए प्रारंभिक विद्यालय कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों के संचालन की अवधि सुबह 6:00 से 10:00 तक तय की गई है. साथी मिशन दक्ष एवं विशेष कक्षाएं पूर्ववत आयोजित होती रहेंगी. 10:00 बजे के बाद मध्याह्नन भोजन दिए जाने के बाद बच्चे अपने घर जा सकेंगे. 


बता दें कि केके पाठक ने यह आदेश सिर्फ प्रारंभिक विद्यालयों के लिए जारी किया है. क्लास 1 से 8 तक के लिए विद्यालय समय में परिवर्तन किया गया है.