पटनाः Surya Puja Sunday: अगहन मास यानी की मार्गशीर्ष, इस मास को खुद श्रीकृष्ण ने अपना स्वरूप बताया था, इसलिए इस माह में सूर्य देव की पूजा का विधान है. सूर्य देव भी नारायण कहे जाते हैं, इसलिए यह माह भगवान कृष्ण, मार्गशीर्ष माह और सूर्य देव का संयोग माना जाता है. रविवार के दिन सूर्यदेव की पूजा जरूर करनी चाहिए. इस माह में केवल रविवार को ही सूर्य देव को अर्घ्य देने भर से कई यज्ञों का फल प्राप्त होता है.


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सुबह जल्दी उठकर करें पूजा
इस माह में सुबह जल्दी उठकर नदी स्नान करने और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है. इस मौसम में सुबह जल्दी उठने से शरीर को प्रकृति से स्वास्थ्य को लाभ मिलते हैं. आलस्य दूर होता है. सुबह स्नान के बाद सूर्य को जल चढ़ाना चाहिए. माना जाता है कि अगर आप तांबे के लोटे में जल भरें और ऊँ सूर्याय नम: मंत्र का जाप करते हुए जल सूर्य को अर्पित करेंगे तो इसके प्रभाव से कुंडली में सूर्य उच्च राशि में स्थित होकर फल देंगे. यह कार्य रविवार को जरूर करना चाहिए.


इन मंत्रों से करें सूर्य पूजा
ॐ घृ‍णिं सूर्य्य: आदित्य:
ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा.
ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:
ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ
ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः
ॐ सूर्याय नम:
ॐ घृणि सूर्याय नम:


रविवार को करें ये उपाय
रविवार के दिन केसरिया रंग के वस्त्र पहनें और इस दिन व्रत भी रखना चाहिए. सूर्यदेव की कृपा पाने के लिए रविवार के दिन गुड़, लाल पुष्प, तांबा, गेहूं आदि का दान करें इससे विशेष फल मिलेंगे. माणिक्य रत्न से सूर्य मजबूत होता है. इसलिए कुंडली में कमजोर सूर्य वाले जातक माणिक्य रत्न धारण करें. रविवार के दिन बेल मूल की जड़ी धारण करनी चाहिए और एक मुखी रुद्राक्ष धारण करें. इससे जीवन में खुशहाली आएगी और लाभ होगा.


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