Hanuman Chalisa Upay: रोग, कर्ज और शत्रु से हैं परेशान तो शाम 6 बजे पढ़ें हनुमान चालीसा की ये चौपाइयां, दूर होंगे कष्ट
Hanuman Chalisa Upay: मंगलवार का दिन बजरंगबली हनुमान जी की पूजा का दिन है. इस दिन श्री रामदूत हनुमान जी को प्रसन्न किया जा सकता है. बजरंग बली को ये आशीष है कि वह शाश्वत चिरंजीवी हैं और कलियुग के जागृत देवता हैं.
पटना: Hanuman Chalisa Upay: मंगलवार का दिन बजरंगबली हनुमान जी की पूजा का दिन है. इस दिन श्री रामदूत हनुमान जी को प्रसन्न किया जा सकता है. बजरंग बली को ये आशीष है कि वह शाश्वत चिरंजीवी हैं और कलियुग के जागृत देवता हैं. हनुमान चालीसा का पाठ आपको हररोग, कर्ज और शत्रु से हैं परेशान तो शाम 6 बजे पढ़ें हनुमान चालीसा संकट से मुक्ति दिलाता है. हनुमान जी की पूजा करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है.
हनुमान चालीसा है चमत्कारिक
यह भी मान्यता है कि हनुमान चालीसा का पाठ करने के साथ-साथ अगर बजरंग बाण का पाठ भी किया जाए, तो वो फायदेमंद होता है. इससे बजरंग बली की कृपा प्राप्त होती है. कहते हैं मंगलवार की पूजा से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और भक्तों के सभी संकटों को दूर करते हैं. आज मंगलवार के दिन शाम 6 से 7 बजे के बीच हनुमान मंदिर में अगर हनुमान चालिसा से अनुष्ठान करते हैं तो यह बहुत लाभकारी सिद्ध होगा.
इसकी कुछ खास चौपाइयां बहुत सिद्ध हैं, जो आपकी हर परेशानी को दूर कर सकती हैं.
1. अगर आपको कोई रोग है, या परिवार में बहुत दिनों से बीमारी का साया है तो आप इलाज आदि तो जारी ही रखिए, साथ ही मंगलवार की शाम इस चौपाई को हनुमान मंदिर में पढ़ें.
नासै रोग हरे सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा॥॥
इस चौपाई के पाठ से रोग का नाश होता है. आप अनुष्ठान पूरा कर रोगी को हनुमान जी को प्रसाद में चढ़ाई गई तुलसी खिलाएं.
2. हनुमान जी को माता सीता ने अष्ट सिद्धि और नौ निधियों का वरदान दिया है. इसलिए हनुमान जी यह भी प्रदान करते हैं. अगर आप कर्ज में फंसे हैं तो ये चौपाई बहुत काम आयेगी. इसका 11 बार जाप करें.
अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता। अस बर दीन जानकी माता॥॥
धन्य-धान्य और सिद्धियां हासिल करने के लिए हनुमान चालीसा की इस चौपाई का पाठ करें.
3. अगर आप जीवन के किसी भी क्षेत्र में शत्रुओं से घिर गए हैं तो हनुमान जी की शरण में जाइए. आप सच्चे होंगे और शत्रु बुरा चाह रहा होगा तो हनुमान जी जरूर आपकी रक्षा करेंगे. इस चौपाई का पाठ फलदाई होगा.
भीम रूप धरि असुर सँहारे। रामचंद्र के काज संवारे॥
शत्रु और विरोधी आपको परेशान कर रहे हैं तो हनुमान चालीसा की दसवीं चौपाई का पाठ नियमित करें.