पटना : बिहार विधान परिषद में छुट्टियों को लेकर शुक्रवार को अजीब वाकया नजर आया. एमएलसी खालिद अनवर ने जुमे के दिन स्कूलों में छुट्टी का मसला उठाते हुए कहा कि इसे जिला शिक्षा पदाधिकारियों पर छोड़ दिया गया है, लेकिन इसे एजुकेशन बोर्ड के अनुसार तय किया जाना चाहिए. इस पर बीजेपी पार्षद देवेश कुमार ने कहा कि सभी धर्मों के लोग अपने अपने हिसाब से छुट्टियां मांगेंगे तो यह कैसे जायज होगा? नीरज कुमार ने कहा कि मामले का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए तो नेता विरोधी दल सम्राट चौधरी ने कहा कि सातों दिन छुट्टी कर दीजिए, हमें कोई ऐतराज नहीं है. शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने कहा कि इस मामले में सरकार बहुत चिंतित है. जिला शिक्षा अधिकारी इसके लिए अधिकृत हैं और इसमें खामी निकालने की कोई जरूरत नहीं है.


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सदन में जहानाबाद के इंटर कॉलेज का मसला भी उठाया गया, जहां सालों से भौतिकी, हिंदी और संस्कृत के व्याख्याता नहीं हैं. इस पर शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया अभी अंतिम चरण में है. 2023 में नियुक्ति कर ली जाएगी तो यह शिकायत दूर हो जाएगी. 


सदन में बिस्मिल्लाह खां के नाम पर कोई धरोहर बनवाने की मांग भी की गई तो पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने कहा कि बिस्मि​ल्ला खां के नाम से सरकार को भवन के नाम की घोषणा की जानी चाहिए. इस पर सरकार की ओर से मंत्री जितेंद्र कुमार राय ने कहा कि सदस्यों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार इस बारे में विचार ​करेगी. 


सुबह जब सदन की शुरुआत हुई तो विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और हंगामा किया. बीजेपी पार्षदों की मांग थी कि पंचायत जनप्रतिनिधियिों का भत्ता समय से नहीं मिल रहा है. नेता विरोधी दल सम्राट चौधरी के नेतृत्व में पार्षदों ने जोरदार प्रदर्शन किया.


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