Kishanganj Bridge Collapse: बिहार में एक और निर्माणाधीन पुल ध्वस्त होने से प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए हैं. अब किशनगंज में मेची नदी पर बन रहे पुल का एक पिलर धंसने का मामला सामने आया है. इससे पहले भागलपुर में गंगा नदी पर निर्माणाधीन पुल ध्वस्त हो गया था. पुल के दो पिलर भरभरा कर ढह गए थे. वहीं अब किशनगंज के गलगलिया से अररिया तक सड़क चौड़ीकरण में निर्माणाधीन पुल का एक पिलर धंस गया. इसके बाद आवागमन ठप हो गया है, जिससे लोग परेशान हैं. बताया जा रहा कि किशनगंज के ठाकुरगंज प्रखंड से बहादुरगंज प्रखंड के बीच गोरी चौक स्थित मेची नदी पर इस निर्माणाधीन 6 स्पेन के पुल का पाया बीच से धंस गया. पहली बरसात में ही पुल का पाया धंसने से भ्रष्टाचार की दुर्गंध आ रही है. 


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दरअसल, किशनगंज में NH 327 E पर मेची नदी पर गोरी के पास बन रहे पुल का पाया अचानक से धंस गया. इस पुल का निर्माण जीआर इंफ्रा कंपनी कर रही है. जीआर इन्फ्रा के द्वारा करोडों की लागत से 94 किमी लम्बे गलगलिया से अररिया एनएच 327 ई का चौड़ीकरण कार्य किया जा रहा है. इस सड़क पर दर्जन भर नए पुलों का निर्माण होना है. इन्हीं महत्वपूर्ण पुलों में एक गौरी गांव के पास मेची नदी पर भी छह स्पेन का पुल बना है, जिसका बीच का पाया शुक्रवार (23 जून) को धंस गया.


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आश्चर्य वाली बात है कि सीजन की पहली बारिश में ही पुल ठहर नहीं पाया. अभी नदी में सिर्फ बरसाती पानी ही है. नदी में पानी नहीं होने के बावजूद भी निर्माणाधीन पुल के पाए के धंसने से लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. वहीं इस मामले में NHAI पूर्णिया के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार ने बताया कि पुल पर अभी यातायात शुरू नहीं हुआ है. इस मामले की जांच करवाई जाएगी और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा.


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उधर भागलपुर में गंगा नदी पर निर्माणाधीन पुल के ध्वस्त होने के मामले में पटना हाईकोर्ट में याचिका भी दर्ज करवाई गई. जिसके बाद इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पुल का निर्माण करने वाली कंपनी के एमडी को भी कोर्ट में मौजूद रहने का आदेश दिया. इसके अलावा बिहार सरकार से भी पुल के ध्वस्त होने की पूरी रिपोर्ट मांगी गई.