पटना : राज्यपाल के अभिभाषण पर वाद-विवाद के साथ विधानसभा के बजट सत्र की कारवाई दूसरे दिन दूसरी पाली में शुरू हुई. सरकार की उपलब्धियों को गिनाने के दौरान बीजेपी विधायक ने अपनी आपत्ति जताई. साथ ही नियोजन के मामले पर सवाल खड़े करते हुए शायराना अंदाज में जवाब देते हुए डॉक्टर सरफराज अहमद ने कहा कि "वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता, हम आह भी भरते हैं, तो हो जाते है बदनाम". इस बयान के बाद एक-एक कर विभिन्न नेतओं ने बयानबाजी शुरू कर दी.


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बता दें कि इसी मामले को आगे बढ़ाते हुए प्रदीप यादव ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि जनता की मांग पर हमारी सरकार ने पेट्रोल डीजल पर रात देने की कोशिश की, लेकिन अडानी अंबानी के कहने पर पेट्रोलियम पदार्थ के दाम नहीं बढ़ाये. इसके अलावा  बीजेपी विधायक भानु प्रताप शाही ने भ्रस्टाचार को बढ़ावा देने का भी सरकार पर आरोप लगाए और कहा कि पूजा सिंघल और वीरेंद्र राम जैसे लोगों को संरक्षण देने का काम सरकार कर रही है. 


सदन की कार्यवाही के दौरान जब मंगल कालन्दी योजनाओं को गिना रहे थे उस दौरान बीजेपी ने नल जल योजना पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह योजना केंद्र की है राज्य सरकार अपनी उपलब्धि न गिनाए. जिस पर मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि योजना में 50 फीसदी राशि राज्य सरकार की होती है और अगर वह केंद्र सरकार की उपलब्धि गिना रहे हैं, तो आखिर उनके कार्यकाल में सिर्फ 3 फीसदी लोगों को लाभ क्यों मिला.


वहीं विपक्ष के सवालों का मंगल कालिंदी ने भी शेर के माध्यम से जवाब दिया और कहा कि "सच्चाई छुप नही सकती बनावट के उसूलों से ,और खुशबू आ नही सकती कमल के फूलों से". वहीं इसी अंदाज को आगे बढ़ाते हुए बीजेपी को कटघरे में खड़ा करते हुए उन्होंने कहा उन्होंने कि मुद्दई लाख बुरा चाहने से क्या होता है वही होता है जो मंजूरे खुदा होता है.


कार्यवाही के दौरान बीजेपी विधायक व मुख्य सचेतक विपक्षी बिरंचि नारायण ने कहा कि राज्यपाल महोदय के द्वारा अभिभाषण के दौरान जो पढ़ा वो सरकार के द्वारा लिखा हुआ झूठ का पुलिंदा पढ़ाया गया. ये सरकार हर मोर्चे पर विफल है, इस सरकार के मुखिया के पास उद्योग विभाग है, लेकिन उद्योग का तरीका ही बदल दिया है. भ्रष्टाचार में डूबी हुई है ये पूरी सरकार ये सभी विरेन्द्र राम के अनुयायी है.


कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय ने कहा कि हमारी सरकार कोविड से लड़ रही थी ये सब भ्रष्टाचार करवा रहे थे. हम सरकार से गुजारिश करते हैं कि अपने जांच एजेंसी से जांच करवाये इससे सरकार की बदनामी हो रही है।. बिरंचि नारायण ने पूजा सिंघल, CA सुमन कुमार, पंकज मिश्रा , प्रेम प्रकाश , अमित अग्रवाल , दाहू यादव,पर सवाल उठाते हुए पूछा कि ये सभी कौंन है.


इनपुट- कामरान जलीली


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