रांची : गढ़वा में आदमखोर तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब तक तेंदुए ने चार लोगों की जान ले ली है. तेंदुए के आतंक को देखते हुए वन विभाग की टीम ने निर्णय लिया है कि अगर जल्द है तेंदुआ पकड़ा नहीं गया तो उसका एनकाउंटर कर दिया जाएगा.वन विभाग ने तेंदुए के एनकाउंटर के लिए हैदराबाद से शूटर भी बुला लिया है.


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चार लोगों का शिकार कर चुका है तेंदुआ
बता दें कि गढ़वा में पिछले कुछ दिनों से ग्रामीण आदमखोर तेंदुए के शिकार हो रहे हैं. तेंदुए ने अब तक चार लोगों की मौत ले ली है. तेंदुए के आतंक से ग्रामीण डरे हुए है और पूरे गांव में भय का माहौल बना हुआ है. तेंदुए के आतंक को लेकर वन विभाग की टीम भी सतर्क हो गई है. अधिकारियों का कहना है कि अगर समय पर तेंदुआ को नहीं पकड़ा गया तो उसका एनकाउंटर करवा दिया जाए. 


वन विभाग ने हैदराबाद से मंगाया है शूटर
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गढ़वा जंगली इलाका पलामू, छत्तीसगढ़ लातेहार से सटा हुआ है. विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने में जुट गई है. अगर किसी कारण टीम ने तेंदुए को नहीं पकड़ा गया, तो उसका एनकाउंटर कर दिया जाएगा. तेंदुए के एनकाउंटर के लिए हैदराबाद से शूटर बुलाया गया है. तेंदुए को शूटर की मदद से ट्रैंकुलाइज किया जाएगा.


पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र तेंदुओं की संख्या है 100
बता दें कि पलामू टाइगर रिजर्व क्षे6 में 100 से ज्यादा तेंदुए है. अभी आदमखोर तेंदुए की पहचान नहीं हो पाई है. तेंदुए के आतंक से गढ़वा के रंका, रमकंडा, भंडरिया,चिनिया इलाके में तेंदुए का सबसे ज्यादा खौफ है. साथ ही बता दें कि एक महीने में गढ़वा और लातेहार में 4 बच्चों की जान ले चुका तेंदुए पूरे इलाके के लिए बड़ा खतरा है. कोमंगराही गांव में पिंजरे और ट्रैपिंग कैमरे लगाए गए थे. करीब 50 कैमरों से इलाके की निगरानी की जा रही है. अब इन तीनों में कौन सा तेंदुआ आमदखोर है, उसकी पहचान करना विभाग के लिए चुनौती बन गया है.


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