रांची: पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार के लोगों के खिलाफ बयान से संबंधित केस में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को झारखंड हाईकोर्ट से राहत मिल गई है. जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की कोर्ट ने अगली सुनवाई तक मरांडी के खिलाफ किसी भी पीड़क कार्रवाई पर रोक लगा दी है. उनकी ओर से अधिवक्ता प्रशांत पल्लव और पार्थ जालान ने बहस की. बता दें कि बाबूलाल मरांडी द्वारा एक यूट्यूब चैनल में दिये बयान को अपमानजनक बताते हुए झामुमो के कार्यकर्ताओं ने छह अलग-अलग जिलों में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी थी. इनमें से एक केस रामगढ़ थाने में भी दर्ज हुआ था.


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इस केस को रद्द करने की मांग को लेकर बाबूलाल मरांडी की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गयी है. पूर्व में इसी तरह के मामले में सिमडेगा थाने में दर्ज केस में भी बाबूलाल मरांडी को हाईकोर्ट से राहत मिल चुकी है. बता दें कि बाबूलाल मरांडी पर एक साक्षात्कार के दौरान हेमंत सोरेन, शिबू सोरेन समेत उनके परिवार के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है. यह साक्षात्कार एक यू ट्यूब चैनल पर तब प्रसारित किया गया था. बाबूलाल मरांडी पर आरोप है कि सोरेन परिवार को उन्होंने महाजन बताया है.


इस बयान के बाद राज्य के छह थानों में रांची,  सिमडेगा, रामगढ़, लोहरदगा, मधुपुर, साहिबगंज में झामुमो कार्यकर्ताओं ने बाबूलाल मरांडी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है. शुक्रवार को रामगढ़ में दर्ज मामले को रद्द करने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई हुई. 22 अगस्त 2023 को रामगढ़ थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी इससे पहले 25 अगस्‍त, 2023 को सिमडेगा थाना में दर्ज प्राथमिकी मामले में भी बाबूलाल मरांडी को हाई कोर्ट से राहत मिली है।


इनपुट- आईएएनएस


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