Delhi-NCR Pollution: राजधानी दिल्ली में ठंड की दस्तक के साथ ही प्रदूषण में भी तेजी से इजाफा हो रहा है. सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी किए गए डाटा के मुताबिक इस साल अक्टूबर महीना पिछले 2 सालों के मुकाबले खराब रहा. यानी इस साल अक्टूबर के महीने में एक भी ऐसा दिन नहीं था, जब लोगों ने साफ हवा में सांस ली हो. वहीं आज भी दिल्ली में AQI बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया. 


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आज का मौसम
दिल्ली में आज का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. साथ ही आज भी आसमान में स्मॉग की चादर छाई रहेगी. SAFAR द्वारा जारी किए गए आकड़ों के अनुसार, आज दिल्ली में समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 336 है, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले 3 दिनों तक प्रदूषण में कोई कमी नहीं आएगी. 3 नवंबर के बाद AQI कुछ कम हो सकता है. 



 


एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) का स्तर
0-50 के बीच AQI अच्छा, 50-100 के बीच AQI संतोषजनक, 101-200 के बीच AQI मीडियम, 201-300 के बीच AQI खराब, 301-400 के बीच AQI बेहद खराब और 401-500 के बीच AQI गंभीर माना जाता है.


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2 साल में सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा अक्टूबर
पिछले दो साल के आकड़ों पर नजर डालें तो अक्टूबर का महीना सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा. साल 2021 में अक्टूबर महीने का औसत AQI  173 दर्ज किया गया, वहीं साल 2022 में ये बढ़कर 210 पर पहुंच गया. इस साल अक्टूबर महीने का औसत AQI 219 दर्ज किया गया है. वहीं पिछले कुछ साल की तुलना में अक्टूबर का महीना ज्यादा ठंडा रहा. 


BS-4 डीजल बसों की एंट्री बंद
दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने आज से BS-4 डीजल बसों की एंट्री बंद करने का फैसला किया है.आज से उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान से दिल्ली आने वाली BS-4 डीजल बसें को प्रवेश नहीं मिलेगा. अब केवल इलेक्ट्रिक, सीएनजी एवं भारत स्टेज (बीएस)- 6 बसें ही दिल्ली में प्रवेश कर सकेंगी.


SC ने भी जताई चिंता
दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर SC ने भी चिंता जाहिर की है. कोर्ट ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, यूपी, राजस्थान से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है, जिसमें राज्यों को बताना है कि उनकी ओर से प्रदूषण को रोकने और खासतौर पर पराली जलाने से रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं. कोर्ट ने राज्यों से पिछले कुछ महीनो में वायु प्रदूषण में सिलसिलेवार तरीके से हुई बढ़ोतरी पर रिपोर्ट पेश करने को कहा है. सभी राज्यों को एक हफ्ते में जवाब दाखिल करना है.