Delhi Alipur fire News: दिल्ली के अलीपुर इलाके में एक पेंट फैक्ट्री और उसके गोदाम से बरामद किए गए 11 जले हुए शवों में से आठ मृतकों की पहचान हो गई है. फैक्ट्री में 15 फरवरी, 2024 की शाम भीषण आग लगने से चारों तरफ अफरातफरी मच गई. अब तक इस हादसे में अबतक 11 लोगों ने अपनी जान गवा दी है और कई लोगों इस हादसे में लापता हैं. इस बीच आठ मृतकों की पहचान इस प्रकार की गई है: फैक्ट्री के मालिक अशोक कुमार (62), राम सूरत सिंह (44), विशाल गौंड (19), अनिल ठाकुर (46), पंकज कुमार (29), शुभम (19), मीरा ( 44) और बृजकिशोर (19) नाम से हुई है.


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जांच से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि शुरुआती निष्कर्षों से पता चलता है कि आग संभवत: शॉर्ट सर्किट होने की वजह से हुई है, जो बाद में रसायनों के भंडार वाले क्षेत्र में फैल गई, जिसके परिणामस्वरूप कई विस्फोट हुए. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, "यह भी संदेह है कि 2017 से संचालित इकाई- ओम सन पेंट का मालिक अंदर से दरवाजा बंद कर लेता था और कारखाने में ऐसी घटना होने पर भागने का कोई दूसरा रास्ता नहीं था."


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मृतकों में जैन और उनके 10 कर्मचारी शामिल हैं, जबकि घायलों को पास के प्रतिष्ठानों से हटा दिया गया, जिनकी पहचान ज्योति (42), दिव्या (20), मोहित सोलंकी (34) और दिल्ली पुलिस कांस्टेबल करमवीर के रूप में की गई है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रत्येक मृत व्यक्ति के परिवार के लिए 10 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है और स्थिति का आकलन करने के लिए घटनास्थल का दौरा भी किया है.


शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए केजरीवाल ने कहा कि "हम मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं. हम प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये देने का वादा करते हैं. इसके अलावा, जिन्हें गंभीर जख्‍में हैं, उन्‍हें 2 लाख रुपये और मामूली जख्‍म वाले लोगों को 20,000 रुपये दिए जाएंगे." दिल्ली भाजपा के प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने भी अलीपुर अग्निकांड के प्रभावित व्यक्तियों से मुलाकात की और वित्तीय सहायता की घोषणा की.


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भाजपा नेता ने कहा कि प्रत्येक मृतक को अंतिम संस्कार के खर्च के लिए 50,000 रुपये और घायलों के इलाज के लिए 25,000 रुपये दिए जाएंगे. दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने अरविंद केजरीवाल सरकार से मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये और घायलों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने का भी आग्रह किया है. दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के निदेशक अतुल गर्ग ने कहा कि गुरुवार शाम 5:26 बजे आग लगने की सूचना मिली. उन्होंने कहा कि कम से कम 22 दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया, जो रात 9 बजे तक आग पर काबू पाने में कामयाब रहीं.


उन्होंने कहा कि आग ने दो पेंट और रसायन गोदामों और आठ दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया था. कम से कम 11 जले हुए शवों को निकालकर बाबू जगजीवन राम अस्पताल ले जाया गया, जबकि चार घायलों को इलाज के लिए राजा हरिश्चंद्र अस्पताल ले जाया गया. पुलिस उपायुक्त बाहरी उत्तर रवि कुमार सिंह ने कहा कि गुरुवार को अलीपुर के नेहरू एन्क्लेव में एक पेंट फैक्ट्री में भीषण आग लग गई थी.


डीसीपी ने कहा कि सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और देखा कि आग पड़ोसी 'नशा मुक्ति केंद्र' सहित कई अन्य इमारतों में फैल गई थी, जहां चार से पांच लोग आग में फंसे हुए थे. अधिकारी ने बताया कि कांस्टेबल करमवीर अपनी जान जोखिम में डालकर नशा मुक्ति केंद्र के शीर्ष पर पहुंचे और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने में कामयाब रहे. उन्हें जलने सहित कई चोटें आईं और अब उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पास की इमारत से तीन घायल लोगों को LNJP अस्पताल रेफर किया गया है.


डीसीपी ने बताया कि दमकल विभाग के साथ एनडीआरएफ भी मौके पर पहुंची और जली हुई इमारतों में तलाशी अभियान चलाया. उन्होंने आगे कहा कि फैक्ट्री मालिक के बेटे, सोनीपत निवासी अखिल जैन पर अलीपुर पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) और 308 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया है.