Delhi News: दिल्ली का सबसे पॉश इलाका ग्रेटर कैलाश, जहां करोड़ों की कोठियां बनी हुई है और टॉप लेवल की पढ़ाई करके पढ़े-लिखे और हाई-फाई लोग इस इलाके में रहते हैं, लेकिन आज यहां से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. जब एक मकान में बंद कई स्ट्रीट डॉग को निकालने के लिए पुलिस, एमसीडी (MCD) के अलावा तीन और अलग-अलग डिपार्टमेंट की टीम पहुंची और बड़ी मशक्कत के बाद इन सभी टीमों ने 14 स्ट्रीट डॉग्स को निकालकर गाड़ी में अपने साभ थ ले गई.


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घर से रेस्क्यू किए गए इन 14 कुत्तों की हालत देखकर ऐसा लग रहा था कि जैसे पिछले काफी वक्त से इन को न तो खाना मिला है, न पानी मिला है. इन स्ट्रीट डॉग्स की वजह से कॉलोनी में रहने वाले लोग खासकर बुजुर्ग काफी परेशान थे. लोगों ने कई बार इस की शिकायत पुलिस में भी की थी. कोई समाधान न होने बाद, लोगों को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा और कोर्ट के आदेश के बाद पुलिसकर्मियों की टीम MCD और डॉग रेस्क्यू करने वाली टीम के अलावा और विभाग की टीम पहुंची और कई घंटे की मशक्कत के बाद सभी डॉग्स को साथ ले गई.


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बता दें कि जिस महिला के घर से इन कुत्तों का रेस्क्यू किया गया था उस घर में रहने वाली महिला ने इस फैसले को लेकर काफी आर्गुमेंट किया, लेकिन इसके बाद भी कुत्तों को रेस्क्यू करके ले जाया गया और लोगों ने राहत की सांस ली. पुलिस कर्मियों ने और MCD के कर्मचारियों और डॉग रेस्क्यू की टीम ने चेहरे पर मास्क लगाकर एक-एक करके डॉग्स को घर के अंदर से निकाला. इस दौरान बाहर काफी संख्या में लोग खड़े हैं. अंदर महिला पुलिसकर्मी खड़ी है. 


घर में से निकाले गए डॉग्स की हालत देखकर साफ पता चल रहा है और ज्यादा दिन अगर घर में रहते तो उनका बचना मुश्किल था. इसी के साथ आरडब्लूए के चेयरमैन ने कहा कि 2 साल से ज्यादा हालत खराब थी. जहां पर डॉग को रखा गया था वहां बिजली नहीं थी, 45 डिग्री गर्मी में डॉग को रखा जा रहा था. इसी के साथ इन सभी कुत्तों को वक्त से खाना नहीं दिया जा रहा था. 


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स्थानीय महिला ने बताया कि जब कॉलोनी के लोग सो जाते, तब डॉग की गंदगी को इधर-उधर फेंक देती थी महिला, हालत इतनी खराब थी कि 10 मिनट लोग बदबू की वजह से खड़े नहीं रह सकते थे. रेस्क्यू के लिए 15 अप्रैल को भी टीम आई थी, लेकिन घर बंद था इसलिए रेस्क्यू टीम को वापल लौटना पड़ा था. कुछ दिन अगर और नहीं हटाया जाता तो डॉग्स का बचना मुश्किल था. 


वहीं, पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि ज्वाइंट टीम ने ऑपरेशन करके बी 81 मकान से 14 स्ट्रीट डॉग को बरामद किया है. लगभग 2019 से सपना नाम की महिला इन्हें अपने घर में बंद करके रखा हुआ था. यहां के स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत भी की थी. लोगों का कहना था कि स्ट्रीट डॉग को भूखा रखा जाता था और उनपर महिला के द्वारा अत्याचार किया जाता था. इसी के साथ जिस महिला ने इन कुत्तों को कैद करके रखा हुआ था उसकी काउंसलिंग के लिए इहबास की टीम को भी मौके पर बुलाया गया था. 


(इनपुटः मुकेश सिंह)