Faridabad Scbhools Closed: पिछले 6 दिनों से फरीदाबाद धुएं की चादर से लिपटा हुआ नजर आ रहा है. चारों तरफ धुआं ही धुआं है. लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो किसी को आंखों में जलन का समस्या हो रही है. प्रदूषण के लगातार बढ़ते स्तर के कारण हालत खराब नजर आ रहे हैं तो स्कूली बच्चों को प्रदूषण से बचाने के लिए प्रशासन ने पहली से पांचवी तक की कक्षाएं निलंबित करने का आदेश दे दिया है.


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प्रदूषण बढ़ने का असर बच्चों की पढ़ाई पर पढ़ना शुरू हो गया है. AQI 400 के पार पहुंच गया है. ग्रेप का चौथा चरण लागू हो चुका है, जिसमें साफ तौर पर स्कूल बंद कर ऑनलाइन पढ़ाई करने की बात कही है. शिक्षा निदेशालय की तरफ से डीसी को कहा गया कि वह अपने स्तर पर स्कूल बंद करने का फैसला लें. इसके बाद डीसी फरीदाबाद विक्रम सिंह ने कल देर शाम जिले में पहले से पांचवी तक के स्टूडेंट की 12 नवंबर दिवाली तक छुट्टी के आदेश जारी कर दिए.


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आदेश सरकारी और प्राइवेट स्कूल दोनों पर लागू होंगे स्कूलों से ऑनलाइन क्लास की व्यवस्था करने को कहा गया है. सीबीएसई के स्कूलों में भी पहले से पांचवी कक्षा के बच्चों की क्लास ऑनलाइन होगी. साथ ही नगर निगम जिला उपायुक्त ने कूड़े में आग लगाने वालों पर सख्ती करने के आदेश दिए है तो साथ ही रात के समय कूड़े में आग लगाने वाले लोगों पर निगरानी करने के टीम भी गठित की गई है. 


इसी के साथ गाजियाबाद में बच्चों के स्कूल बंद करने पर अभिभावक नराजा हैं. बता दें कि गाजियाबाद में स्कूलों को बंद करने को लेकर बच्चों के परिजनों का कहना है कि सरकार को कोई ठोस कदम उठाना चाहिए. स्कूल बंद करना कोई विकल्प नहीं है. ऑनलाइन क्लासेस से भी बच्चों की आंखों पर जोर पड़ता है. साथ ही बच्चों के ऑनलाइन क्लास से भी परिजन परेशान हैं. उन्होंने कहा कि बीते कोरोना कल में बच्चों की ऑनलाइन क्लास से उन्हें पढ़ाई से कोई फायदा नहीं हुआ. वहीं कुछ माता-पिता ऑनलाइन क्लास को सही मानते हुए बच्चों को प्रदूषण से बचने के लिए सही मानते हैं. उनका कहना है कि ऑनलाइन क्लासेस से बच्चे घर पर रहकर पढ़ाई कर सकेंगे और बाहर निकलने से प्रदूषण से होने वाले नुकसान से बच सकेंगे.


Input: Amit Chaudhary, Piyush Gaur