ED Director Tenure: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर ED निदेशक संजय मिश्रा का कार्यकाल 15 अक्टूबर तक बढ़ाये जाने की मांग की है.11 जुलाई को दिए अपने अहम आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने संजय मिश्रा के कार्यकाल को तीसरी बार बढ़ाने के केंद्र सरकार के फैसले को ग़लत ठहराया था. कोर्ट ने उन्हें  सिर्फ 31 जुलाई तक ही  ED निदेशक के पद पर रहने की इजाज़त दी थी. अब सरकार ने नई याचिका दाखिल कर 31 जुलाई से 15 अक्टूबर तक संजय मिश्रा का कार्यकाल बढ़ाये जाने की मांग की है. सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर कल सुनवाई करेगा.


 

सरकार ने FATF समीक्षा का हवाला दिया

केंद्र सरकार की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि भारत की FATF ( फाइनेंसियल एक्शन टास्क  फोर्स ) द्वारा होने वाली समीक्षा के  मद्देनजर संजय मिश्रा का कार्यकाल बढ़ाना ज़रूरी है.संजय मिश्रा देश में चल रहे विभिन्न  मनी लॉन्ड्रिंग के ऑपरेशन से बखूबी वाकिफ है. वो FATF की आकलन के लिए देश वाली टीम को ज़रूरी सूचना रिपोर्ट्स और  सहयोग बेहतर तरीक़े से मुहैय्या करा सकते है. इस स्टेज पर ED के नेतृत्व के परिवर्तन देश के हितों के खिलाफ जाएगा.

 

संजय मिश्रा को मिला तीन बार सेवा विस्तार

संजय मिश्रा नवंबर 2018 में दो साल के लिए ED निदेशक के पद पर नियुक्त हो गए थे. हालांकि मिश्रा मई 2020 में रिटायरमेंट की उम्र पार कर चुके थे. लेकिन ED निदेशक के पद पर 2 साल की नियुक्ति के चलते उन्हें 19 नवंबर, 2020 तक पद पर रहना था. लेकिन सरकार ने  यह समय पूरा होने से पहले उनके कार्यकाल को बढ़ा कर 3 साल करने वाला आदेश जारी कर दिया. इसके खिलाफ दायर अर्जी पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2021 में दिए फैसले में सरकार की ओर से दिए गए सेवा विस्तार को तो  रद्द करने से इंकार कर दिया.लेकिन साथ ही ये भी कहा कि संजय मिश्रा को इसके आगे सेवा विस्तार न दिया जाए.

 

क़ानून में संसोधन को SC ने सही ठहराया

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद सरकार ने क़ानून में संसोधन किया जिसके जरिये सीबीआई और ED निदेशक के कार्यकाल 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है. 11 जुलाई को दिए आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की ओर से क़ानून में किये गए संसोधन को तो सही ठहराया लेकिन संजय मिश्रा को दिए सेवा विस्तार को ग़लत माना.कोर्ट ने कहा कि  सजंय मिश्रा के लिए विशेष  तौर पर आदेश दिया था कि उन्हें आगे सेवा विस्तार नहीं दिया जाएगा . ये आदेश केन्द्र सरकार और संजय मिश्रा दोनों पर लागू होता है. इसलिए 17 नवंबर 2021 और 17 नवंबर 2022 को संजय मिश्रा को सेवा विस्तार देने का केंद्र सरकार का आदेश क़ानूनी तौर पर वैध नहीं है.

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