MP Politics: लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों पर मिली हार के बाद प्रदेश कांग्रेस अब समीझा कर रही है. इसके लिए कांग्रेस ने पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की बुलाई, लेकिन  कमेटी की बैठक से दिग्गजों ने दूरी बनाई. बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय, पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह, और कांतिलाल भूरिया जैसे दिग्गज नेता नहीं पहुंचे. चारों नेता पॉलिटिकल अफेयर कमेटी के सदस्य भी हैं. हालांकि, बैठक में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी मौजूद रहे.


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बैठक को लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि दो दिनों से लगातार हमारी बैठकें चल रही हैं. आज भी दिन हार की समीक्षा भर की जाएगी. हार की बीमारी का कारण पकड़ में आ चुका है. प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि जब तक डायग्नोस नहीं होगी तब बीमारी दूर कैसे होगी. इससे पहले पीसीसी में इतनी बड़ी लगातार बैठके कभी नहीं हुई. अपडेट जारी है.


प्रत्याशियों ने बताए अलग-अलग कारण
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद पीसीसी की बैठक में  मुरैना से कांग्रेस के हारे हुए लोकसभा प्रत्याशी नीटू सिकरवार ने कहा कि हर सीट के अपने-अपने मायने हैं. मुरैना लोकसभा सीट की हार को लेकर नीटू सिकरवार ने रामनिवास रावत को जिम्मेदार ठहराया. रामनिवास रावत समेत और भी कई नेता बीजेपी में शामिल हुए थे. इस वजह से मुरैना सीट हारे. रामनिवास रावत को बीजेपी ने मंत्री पद का लालच दिया है. रामनिवास रावत एक बड़े नेता थे उन्हें इस तरह का लालच अच्छा नहीं लगता.


प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार
इधर, गुना लोकसभा सीट कांग्रेस कैंडिडेट रहे यादवेंद्र सिंह ने कहा कि प्रशासन ने बीजेपी की बी टीम की तरह काम किया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गुंडों की तरह परेशान किया. प्रशासन की वजह से गुना सीट कांग्रेस हार गई.


सीधी के प्रत्याशी ने भी उठाया सवाल
मध्यप्रदेश कांग्रेस की लोकसभा चुनाव में करारी हार को जानने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की बैठक में पहुचे लोकसभा चुनाव हारने वाले केंडिडे कमलेश्वर पटेल ने कहा था कि चुनाव को मेन्युप्लेट बताया. पटेल ने कहा कि लोकसभा चुनाव बहुत मेनुप्लेटेड थे. कहीं कांग्रेसी जीते, कहीं हारे. विदेश के बड़े उद्योगपति सवाल खड़े कर रहे हैं. EVM पर सत्ता पक्ष बात करने को तैयार नहीं.