Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ से रविवार को दर्दनाक मामला सामने आ रहा है. सरगुजा जिले में एक घर में आग लगने से तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई. मामला कमलेश्वपुर थाना क्षेत्र के बरिमा गांव का है. घटना रात 2 से 2.30 बजे के बीच की बताई जा रही है. मांझी समाज के एक परिवार की दो बेटियों और एक बेटा कमरे में सो रहे थे. अचानक लगी आग ने तीनों की जिंदगी छीन ली.


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जानकारी के अनुसार, कमलेश्वपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बरिमा गांव के पकरीखार मोहल्ले में शनिवार की रात करीब दो से ढाई बजे के बीच सुधानी बाई के कच्चे घर में अचानक आग लग गई. उस वक्त तीनों बच्चे घर में सो रहे थे. मां सुधानी बाई अपने चौथे बच्चे को देखने पड़ोस के घर में गई थी. उसने बाहर का दरवाजा भी बंद कर दिया. इसी बीच एक झोपड़ीनुमा घर में आग लग गई.


आग को रोकने की कोशिश
आग इतनी भयावाह थी कि देखते-देखते पूरे घर को अपने चपेट में ले लिया. सुधनी के शोर मचाने से आस पास के लोग पहुंचे, लेकिन आग के इस विकराल रूप के सामने वह कुछ नहीं कर पाए. घर में धान का पैरा रखने के कारण कुछ ही देर में आग बेकाबू हो कर पूरे घर में फैल गई. स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी. 


तीन बच्चे जिंदा जल गए
जैसे-तैसे लोगों ने आग पर काबू पाया मगर घर में मौजूद तीनों मासूम बच्चों की जलकर मौत हो गई. हादसे में जिंदा जल गए बच्चों में गुलाबी (8), सुषमा (6), रामप्रसाद (4) शामिल थे. बता दें कि बच्चों के पिता देवप्रसाद मांझी काम की तलाश में दूसरे राज्य में काम करने के लिए गया हुआ है. सुबह तीनों बच्चों के जले हुए शवों को पुलिस ने जले घर से निकाला. बच्चों की मौत के बाद से मां सुधनी बाई सदमे है और तब से उसने एक शब्द भी नहीं बोला है. 


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आग लगने की वजह की पुष्टि नहीं


इस पूरे मामले की जांच कमलेश्वरपुर थाना पुलिस कर रही है. इस घटना के बाद से आसपास इलाकों में शोक का माहौल निर्मित हो गया है. आग कैसे लगी इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है.