Adhik Maas 2023: हिंदू धर्म में अधिक मास की पूर्णिमा का विशेष महत्व है. इस साल अधिकमास पूर्णिमा 1 अगस्त 2023 को है. ये महीना भगवान विष्णु को समर्पित है. साथ ही पूर्णिमा तिथि मां लक्ष्मी की मानी जाती है.बता दें कि सावन में अधिक मास का संयोग पूरे 19 साल बाद बन रहा है. इसे मलमास भी कहते हैं. मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है.


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अधिकमास पूर्णिमा 2023 मुहूर्त
अधिकमास पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 1 अगस्त 2023, सुबह 03.51 से 2 अगस्त 2023, प्रात: 12.01 तक रहेगा.
स्नान-दान मुहूर्त - सुबह 04.18 - सुबह 05.00.सत्यनारायण पूजा - सुबह 09.05 - दोपहर 12.27. चंद्रोदय समय - शाम 07.16. मां लक्ष्मी पूजा - प्रात: 12.07 - प्रात: 12.48 (2 अगस्त 2023)


अधिकमास पूर्णिमा की पूजा विधि 
अधिकमास पूर्णिमा के दिन सबसे पहले सुबह उठकर गंगा नदी में स्नान करें. इसके बाद सूर्य को अर्घ्य दें और मंत्रों का जाप करें. इसके बाद तुलसी की पूजा करें. तुलसी की पूजा करने के बाद सत्यनारायण की कथा करें, शाम को दीपक जलाएं . अधिकमास की पूर्णिमा के दिन तुलसी जी की पूजा का विशेष महत्व होता है. मान्यता है कि इस दिन तुलसी पूजा करने से घर में सुख शांति बनी रहती है.


अधिकमास पूर्णिमा के उपाय
अधिकमास पूर्णिमा के दिन दान देने का विशेष महत्व है. कहते है कि इससे व्यक्ति को पुण्य फलों की प्राप्ति होती है. ऐसे में इस दिन जरूरतमंदों को अन्न, धन, वस्त्र या चावल जैसी चीजों का दान करें. इसके अलावा पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ माता लक्ष्मी और चंद्रमा की पूजा जरूर करें. इससे व्यक्ति को धन संबंधी समस्याओं का सामना भी नहीं करना पड़ता.


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अधिकमास पूर्णिमा का महत्व
हिंदू धर्म में पूर्णिमा का एक विशेष महत्व है. इस दिन चंद्रमा अपने पूर्ण आकार में होता है. इस दिन तुलसी पूजा और दान देने का विशेष महत्व होता है.