भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय में शाम चार बजे एक बड़ी बैठक बुलाई है. इस बैठक में पेसा कानून को लेकर कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं. बता दें कि मध्य प्रदेश में पेसा कानून  चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है. पेसा एक्ट के लागू होने से मध्य प्रदेश के आदिवासी समुदाय को कई अधिकार मिलेंगे. इसी को लेकर सीएम शिवराज आज मीटिंग करने वाले हैं. 


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इस मुद्दे पर होगी चर्चा 
बताया जा रहा है कि शाम चार बजे मंत्रालय में होने वाली बैठक में पेसा कानून के तहत आदिवासी वर्ग को दिए जा रहे अधिकारों को लेकर चर्चा होगी. इसके अलावा वन उपज पर वन समितियों को दिए जाने वाले अधिकारों पर भी चर्चा की जाएगी. इसलिए सीएम शिवराज ने पेसा कानून के नियमों को लेकर बैठक बुलाई है. पेसा कानून के तहत वन वासियों और जनजातीय वर्ग को आर्थिक सम्रद्ध बनाया जा रहा है. 


बताया जा रहा है कि इस बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ जनजातीय वर्ग से आने वाले मंत्रियों के साथ विभाग से जुड़े सरकारी अधिकारी भी भाग लेंगे. इस बैठक में कुछ आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए जा सकते हैं. 


जानिए क्या है पेसा एक्ट 
पेसा एक्ट के द्वारा स्थानीय संसाधनों पर जनजातीय समाज की पंचायतों को ज्यादा अधिकार मिल जाएंगे. इनमें जमीन, खनिज संपदा, लघु वनोपज की सुरक्षा और संरक्षण का अधिकार भी शामिल है. साथ ही ग्राम सभाओं को जनजातीय समाज की सामाजिक न्याय और धार्मिक व्यवस्था के लिए भी काम करने का अधिकार मिल सकेगा. पेसा एक्ट लागू होने के बाद संसद को भी कानून बनाते वक्त आदिवासी समाज की पारंपरिक, ऐतिहासिक, सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक विशेषताओं का ध्यान भी रखना होगा. 


पेसा एक्ट लागू होने के बाद सामुदायिक वन प्रबंधन समितियां हर साल माइक्रो प्लान बनाएंगी और उस प्लान को ग्राम सभा से अनुमोदित कराएंगी. सामुदायिक वन प्रबंधन समितियों का गठन भी ग्राम सभा द्वारा किया जाएगा. पेसा एक्ट 24 अप्रैल 1996 को बनाया गया था और कई राज्यों में यह लागू है. 


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