Bhopal News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में घंटों की हड़ताल के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जूनियर डॉक्टरों की मांगें मान ली हैं. स्वास्थ्य विभाग ने उनके स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का आदेश दिया है. लोक स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अवर सचिव सीमा डेहरिया की ओर से इसका आदेश जारी कर दिया गया. जिसके बाद राजधानी में एक बार फिर से स्वास्थ्य सेवाएं बहाल हो जाएंगी. स्टाइपेंड में बढ़ोतरी अप्रैल से मान्य होगी. 


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सरकार ने स्टाइपेंड बढ़ाने का आदेश किया जारी 
सरकार ने स्टाइपेंड बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने चार अन्य मांगों पर टीम बनाकर निर्णय लेने का आश्वासन भी दिया है. आपको बता दें कि स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर गांधी मेडिकल कॉलेज समेत राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जूनियर डॉक्टरों ने बुधवार को दो घंटे तक काम बंद कर दिया था और हड़ताल पर चले गये थे. जूनियर डॉक्टर 4 दिनों से काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. जूनियर डॉक्टरों के फैसले के बाद मरीजों की परेशानी बढ़ गयी थी.  गौरतलब है कि नवंबर 2022 से सरकारी मेडिकल कॉलेजों से पीजी करने वाले मेडिकल छात्रों (जूनियर डॉक्टरों) के स्टाइपेंड में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है.


 


क्या थी जूनियर डॉक्टरों की मांग
- जूनियर डॉक्टरों ने मांग की है कि उनका मासिक स्टाइपेंड 1 लाख प्रति माह हो व सालाना वेतन वृद्धि का रुका काम पूरा हो.
- मध्यप्रदेश में चिकित्सा से शिक्षा की फीस बाकी राज्यों की तरह ही 10 से 15 हजार की जाए व यूनिवर्सिटी की फीस कम हो
- मध्यप्रदेश के सभी जूनियर डॉक्टरों को 5 साल का स्वास्थ्य बीमा मिले
-  मध्यप्रदेश से रूरल सर्विस बॉन्ड को खत्म किया जाए. वहीं अगर कोई चिकित्सक रूरल सर्विस पर जाता है तो उसको अतिरिक्त पचास हजार रुपए देने की मांग की है.


रिपोर्ट- अजय दुबे