Beloved Flowers of God: सनातन धर्म में पूजा-पाठ का विशेष महत्व है. हिंदू धर्म को मानने वाले लगभग सभी घरों में हर दिन देवी-देवताओं की पूजा की जाती है. शायद ही कोई ऐसा सनातनी परिवार हो जिसके घर में पूजा पाठ नहीं किया जाता हो. शास्त्रों की मानें तो नियमित देवी-देवता की पूजा करने से हमारा तनाव दूर होता है और देवी-देवताओं की कृपा से हमें हर कार्यों में सफलता मिलती है. पूजा पाठ के दौरान हम देवी देवताओं को उनके पसंद की फूल अर्पित करते हैं. लेकिन कुछ फूल ऐसे हैं, जिसे यदि हम गलती से भी इन्हें अर्पित कर देते हैं तो वे रुष्ट हो जाते हैं, जिससे हमें सुख-शांति के जगह परेशानियों का सामना करना पड़ता है.


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देवी-देवताओं को भूलकर भी न अर्पित करें ये फूल


भगवान राम को ना चढ़ाएं ये फूल
भगवान राम की पूजा के दौरान कभी भी कनेर का पुष्प नहीं अर्पित करना चाहिए. ऐसी मान्यता है कि भगवान राम को कनेर का फूल चढ़ाने से वे रुष्ट हो जाते हैं और हमें परेशानियों का सामना करना पड़ता है.


मां पार्वती को ना चढ़ाएं ये पूष्प
भगवान शंकर की अर्धांगिनी मां पार्वती की पूजा के दौरान गलती से भी मदार का फूल नहीं चढ़ाना चाहिए. ऐसा करने से आपका बना हुआ कार्य भी बिगड़ने लगेगा.


भगवान शिव को ना चढ़ाएं ये फूल
भगवान शिव शंकर की पूजा में कभी भी केतकी या केवड़ा के फूल न चढ़ाएं. यदि आप भूलकर भी ये फूल उन्हें अर्पित करते हैं तो वे नाराज हो जाएंगे, जिसके चलते आपको बड़ी मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है.


सूर्य देव को न चढ़ाएं ये फूल
धार्मिक मान्यतानुसार भगावन भास्कर यानी सूर्य देव को अर्घ्य देते समय कभी भी बेलपत्र या बिलवा का उपयोग न करें. ऐसा करने से वे रुष्ट होकर अपनी कृपा हटा लेते हैं, जिससे हमें परेशानियों का सामना करना पड़ता है. 


भगवान विष्णु को न चढ़ाएं ये फूल
जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा के दौरान गलती से भी अगस्त्य, माधवी और लोध का फूल नहीं अर्पित करना चाहिए. ऐसा करने से भगवान विष्णु के साथ-साथ मां लक्ष्मी भी नाराज हो जाती हैं और हमें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है. 


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(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और विभिन्न जानकारियों पर आधारित है. Zee Media इसकी पुष्टि नहीं करता है.)