CM Shivraj Master Plan For MP Vidhansabha 2023: मध्य प्रदेश चुनावी साल (Assembly elections in Madhya Pradesh 2023) में आ गया है. साल के अंत में प्रदेश में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं. इसी के चलते कांग्रेस व भाजपा पूरी तरह से चुनावी मोड में आकर तैयारियों में जुटी हुईं हैं. बता दें कि दोनों पार्टियों की कोशिश अलग-अलग वर्गों को साधने की है. कांग्रेस की कास्ट पॉलिटिक्स के बाद अब बीजेपी का फोकस भी अलग-अलग समाजों को साधने पर है. इसी क्रम में 5 जनवरी को सीएम हाउस में राजपूत समाज की बैठक बुलाई गई है. बता दें कि पिछले दिनों राजपूत समाज ने मांगों को लेकर सीएम शिवराज को ज्ञापन सौंपा था.


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राजपूत समुदाय उलट सकता है चुनावी समीकरण
बता दें कि मध्य प्रदेश में राजपूत समुदाय की बड़ी आबादी है और यह समाज कई सीटों पर चुनावी समीकरणों को उलट सकता है. आज राजपूत समाज के पदाधिकारियों ने 5 जनवरी को सीएम के साथ होने वाली बैठक की जानकारी दी. गौरतलब है कि चुनावी साल में बीजेपी और कांग्रेस सामाजिक समीकरण साधकर अपनी-अपनी पार्टियों से अलग-अलग कास्ट को कनेक्ट करने में जुटी हुईं हैं.


क्यों खास है राजूपत समाज
गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में करणी सेना जैसे राजूपत समाज के संगठनों ने ग्वालियर, चंबल और मालवा जैसे अंचलों में भाजपा को नुकसान पहुंचाया था. आपको बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान एससी-एसटी एक्ट को लेकर सवर्ण समाज के संगठनों ने विरोध किया था.



 


यहां तक कि कई राजनीतिक पंडितों का भी ये कहना था कि सवर्ण समुदाय की नाराजगी के कारण ही बीजेपी सत्ता से दूर हो गई थी क्योंकि कई सीटों पर बीजेपी बहुत कम अंतर से हारी थी और उन सीटों पर कई लोगों ने नोटा को वोट दिया था. अब एक बार फिर करणी सेना का आंदोलन उग्र न हो सके. इसलिए भाजपा इस समाज को पूरी तरह अपने पाले में लाने की तैयारी में जुट गई है.


रिपोर्ट: प्रमोद शर्मा(भोपाल)