करतार सिंह राजपूत/ग्वालियर: 12 जनवरी को ग्वालियर (gwalior) के गोले का मंदिर क्षेत्र में एक 20 वर्षीय नवयुवक के खुदकुशी करने के मामले में पुलिस के हाथ उसका सुसाइड IGwalior Suicide) नोट लगा है. फांसी के फंदे पर लटकने से पहले युवक ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह मंत्री बनना चाहता था, लेकिन बीमारी से परेशान है. इसलिए खुदकुशी कर रहा है. पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है, लेकिन मामला जांच में है. इसलिए पुलिस साफ तौर पर बोलने से बच रही है.


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दरअसल 12 जनवरी को ग्वालियर के गोला का मंदिर थाना क्षेत्र में स्थित प्रीतम बिहार कॉलोनी में अपनी बहन के साथ किराए के मकान में रहने वाले 20 वर्षीय अजय शर्मा ने फांसी के फंदे से झूल कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी. बहन जब कॉलेज से लौटी तो भाई घर में फांसी के फंदे से झूलता हुआ मिला था.


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मंत्री बनना चाहता था युवक
मां ममता शर्मा मुंबई में रहती है और किसी सीरियल में काम करती है. पुलिस ने बेटे की मौत की जानकारी मृतक की मां को दे दी थी. मृतक की मां के गुरुवार को ग्वालियर पहुचनें के बाद पुलिस ने कमरे की तलाशी ली थी, जिसमें पुलिस को अजय का सुसाइड नोट मिला है. सुसाइड नोट में लिखा है कि वह पहले पुलिस ज्वॉइन करना चाहता था, फिर लगा कि मंत्री या मुख्यमंत्री बड़ा होता है इसलिए मंत्री बनना चाहता था. लेकिन अस्थमा की बीमारी से परेशान होकर आत्म हत्या कर रहा है. 


मामले की जांच कर रही पुलिस
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश दंडोतिया ने बताया कि बहरहाल मामला विवेचना में है और पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजन को सौंप दिया है. सुसाइड नोट में बीमारी का कारण बताया गया है.सुसाइड नोट में मंत्री बनने जैसी बातें भी लिखी है. फिलहाल पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है. आगे जो होगा जल्द बताया जाएगा.