नई दिल्ली: भाजपा ने शुक्रवार को आगामी पंजाब विधान सभा चुनाव के लिए 34 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी. पार्टी की इस सूची में किसान परिवारों के 12 नेताओं, 13 सिखों और 8 दलितों को टिकट दिया गया है. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और भाजपा महासचिव व पंजाब के प्रभारी दुष्यंत गौतम और महासचिव तरुण चुग ने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की. 


इन लोगों को मिले टिकट



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तरुण चुग ने उम्मीदवारों का नाम घोषित करने से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि पार्टी ने 12 ऐसे नेताओं को टिकट दिया है, जो किसान परिवार से आते हैं, जबकि पार्टी ने 13 सिखों और 8 दलितों को भी अपना उम्मीदवार बनाया है. उन्होंने कहा, ‘भाजपा सभी धर्म, जाति और संप्रदाय को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है. इसलिए 34 उम्मीदवारों की सूची में राज्य की जितनी भी बिरादरी हैं, उन्हें प्रतिनिधित्व दिया गया है. इन उम्मीदवारों में महाजन, खत्री, बनिया, ब्राह्मण और जाट भी हैं.’ उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों में डॉक्टर, अधिवक्ता, उद्योगपति, मजदूर और श्रीगुरुद्वारा प्रबंधक समिति का चुनाव जीतने वाले भी शामिल हैं. 


'आप' पर साधा निशाना


इससे पहले, पुरी ने आम आदमी पार्टी द्वारा भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के लिए दिल्ली की सत्ताधारी पार्टी को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि आप ने ऐसे छवि के व्यक्ति को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया है, जिसके बारे में उन्हीं के संसदीय क्षेत्र के लोग अक्सर शिकायत किया करते हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि शराब पीना व्यक्ति का निजी मामला है. उन्होंने कहा कि पंजाब एक संवेदनशील सीमाई राज्य है और देश के विकास में उसका बहुत बड़ा योगदान है, लेकिन आज वहां की स्थिति ऐसी हो गई है कि वह नशे की समस्या और रेत व अन्य माफिया जैसी समस्याओं से जूझ रहा है. 


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'कांग्रेस के कुशासन से त्रस्त है जनता'


इस दौरान गौतम ने कहा कि पंजाब की जनता कांग्रेस के ‘कुशासन’ से त्रस्त है. उन्होंने कहा, ‘पिछले कुछ समय से पंजाब में नशे की समस्या, भ्रष्टाचार और कई अन्य समस्याएं आती रहीं, दुर्भाग्य है कि आज भी वो समस्याएं जस की तस हैं. पिछली सरकार में पंजाब में कोई प्रगति नहीं हुई है. पंजाब में कांग्रेस के वर्तमान मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हुए हैं. उनकी ही विधानसभा में रेत का अवैध खनन हो रहा है. इससे साबित हो रहा है कि प्रदेश के रेत माफियाओं से उनके घनिष्ठ संबंध हैं.’ 


20 फरवरी को होनी है पंजाब में वोटिंग


आपको बता दें कि पंजाब में 20 फरवरी को मतदान होना है जबकि मतगणना 10 मार्च को होगी. पंजाब में कुल 117 विधान सभा सीट हैं. भाजपा इस बार राज्य में पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाले पंजाब लोक कांग्रेस और पूर्व केंद्रीय मत्री सुखदेव सिंह ढींढसा के नेतृत्व वाले शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है और कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को सत्ता से बेदखल करने की कोशिशों में जुटी है. पिछले विधान सभा चुनाव में प्रमुख विपक्षी दल का स्थान हासिल करने वाली दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) भी सत्ता पाने के लिए प्रयासरत है. पिछले दिनों आम आदमी पार्टी ने संगरूर के सांसद भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया है. 


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भाजपा से अलग चुनाव लड़ रही है अकाली दल


भाजपा से गठबंधन तोड़ने के बाद शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से गठबंधन किया है. केंद्र के तीन कृषि कानूनों के मुद्दे पर अकाली दल ने भाजपा से किनारा कर लिया था. जून 2021 में इस गठबंधन में बनी सहमति के आधार पर अकाली दल 97 सीटों पर और बसपा 20 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. अकाली दल और आप ने चुनाव के लिए ज्यादातर सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है. 



पंजाब के मैदान में जुटे सभी सियासी दल


अकाली दल ने 90 से अधिक विधान सभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है, जबकि आप ने 112 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं. कांग्रेस ने पंजाब में 86 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की है. पार्टी ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू, उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर रंधावा और ओ पी सोनी समेत कई वरिष्ठ नेताओं को चुनाव के मैदान में उतारा है. किसान संगठनों के राजनीतिक मंच संयुक्त समाज मोर्चा (एसएसएम) ने भी चुनाव मैदान में ताल ठोंक कर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है. मोर्चे ने अब तक 57 उम्मीदवारों की घोषणा की है. 


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