Kishanganj: बारां के आदिवासी अंचल क्षेत्र शाहाबाद में चार माह से सहरिया परिवारों को राशन सामग्री की किट नहीं मिल पा रही है. एक तरफ राज्य सरकार द्वारा सहरिया परिवारों के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है, दूसरी तरफ आदिवासी सहरिया परिवारों को मिलने वाली निशुल्क राशन सामग्री घी, तेल, दाल पिछले 4 माह जुलाई से सहरिया परिवारों को नहीं मिली है. रसद विभाग से तो खाद्य सामग्री की सप्लाई तो हो चुकी है लेकिन वितरण में समस्या आ रही है.


COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

यह भी पढे़ं- बारां में डिस्कॉम का करीब 487 करोड़ का भुगतान बकाया, वसूली के लिए होगी सख्ती


राशन डीलरों ने बताया कि सामग्री तो सप्लाई हो चुकी, जिसका विवरण किया जाना है लेकिन समस्या सामग्री जुलाई से अक्टूबर तक की वितरण होनी है और सरकार ने अभी-अभी अंगूठा लगाने की प्रणाली को बदल दिया है.


पहले उपभोक्ता का एक बार अंगूठा लगाने पर राशन कार्ड में निकलने वाली सारी सामग्री एक बार में ही निकल जाती थी लेकिन पिछले दो माह से प्रत्येक सामग्री को निकालने के लिए प्रत्येक बार अंगूठा लगाना पड़ रहा है. ऐसे में चार माह की सामग्री को निकालने के लिए 12 बार एवं गेहूं के लिए 2 बार कुल मिलाकर एक उपभोक्ता को एक राशनकार्ड की सामग्री लेने के लिए 14 बार अंगूठा लगाना पड़ेगा तब जाकर उपभोक्ता को सामग्री मिलेगी.


14 बार अंगूठा लगाना संभव नहीं 
राशन कार्ड धारक रामप्यारी, गंगा बाई, सतीश सहरिया, बबलू सहरिया ने बताया की पहले एक बार अंगूठा लगता था तो लगाने में परेशानी तो होती थी लेकिन अब ज्यादा परेशानी हो गई है क्योंकि एक राशन कार्ड में 14 बार अंगूठा लगाना संभव नहीं है. अधिकतर परिवार मजदूर वर्ग से हैं मजदूरी के कारण उंगलियों के निशान नहीं आ पाता, जिससे लोगों के अंगूठा नहीं लग पाता और हम अंगूठा लगाने के लिए परेशान होते रहते हैं अभी फसल कटाई का सीजन चल रहा है, जिससे अधिकतर मजदूरों के हाथ खराब हो रहे हैं. 


ऐसे में बहुत से परिवारों को राशन सामग्री से वंचित रहना पड़ सकता है. हमारी मांग है कि जिस प्रकार पहले व्यवस्था थी उसी प्रकार व्यवस्था होनी चाहिए ताकि सभी परिवारों को राशन सामग्री समय पर मिल सके. आगे दीपावली का त्योहार नजदीक है तो मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार शीघ्र इस पर निर्णय कर पुरानी व्यवस्था को लागू करें.


डीलरों ने वितरण करने से मना कर दिया 
आदिवासी सहरिया परिवारों की खाद्य सामग्री की सप्लाई अगस्त में कर दी गई लेकिन राशन कार्ड धारकों की परेशानी को देखते हुए डीलरों ने वितरण करने से मना कर दिया और एक फिंगर में सामग्री निकालने की मांग रखी जिसका फिलहाल कोई समाधान नहीं निकला जिसके कारण सामग्री को नुकसान हो रहा हैं राशन की दुकानों में रखी सामग्री खराब हो रही है जिससे उपभोक्ताओं का नुकसान हो रहा है. यदि जल्द समाधान हो तो सामग्री खराब नहीं होगी और उपभोक्ताओं को समय पर मिल सकेगी और मजदूर परिवारों का त्योहार खुशी से मन सकेगा.


Reporter- Ram Mehta