Rajasthan election:राजस्थान में चुनाव की घोषणा तुरंत के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर नरेंद्र गुप्ता ने जिले के सभी चुनाव अधिकारियों की बैठक ली.निर्वाचन विभाग की ओर से जिले में आचार संहिता की सख्ती से पालना को लेकर भी सख्त निर्देश दिए है.उन्होंने कहा की इसमें किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसके तुरंत बाद प्रशासन की ओर से शहर समेत जिले भर में विभिन्न जगहों पर लग रहे सरकारी योजनाओं के पोस्टर बैनर आदि भी हटवा दिए गए. मुख्यमंत्री योजना के तहत मोबाइल वितरण भी बंद कर दिया है.


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आचार संहिता की सख्ती से पालना के निर्देश


कलेक्टर ने कहा- कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, सरकारी योजनाओं के पोस्टर हटे
बारां .निर्वाचन विभाग ने प्रदेश में विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है. इसके साथ ही प्रदेश में आचार संहिता भी लागू हो गई है. कार्यक्रम के अनुसार 30 अक्टूबर को नामांकन की शुरुआत होगी. 6 नवंबर को नामांकन की आखिरी तारीख रहेगी. 9 नवंबर तक नाम वापसी, 23 नवंबर को मतदान और 3 दिसंबर को मतगणना होगी.


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आचार संहिता में नई सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की घोषणा नहीं हो सकेगी.मंत्री - मेयर सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे. सरकारी योजनाओं के बैनर, पोस्टर, सरकारी वेबसाइट से मख्यमंत्री, मंत्रियों और अन्य राजनेताओं के पोस्टर हटाए जाएंगे। किसी भी प्रोजेक्ट का शिलान्यास या उद्घाटन नहीं हो सकेंगे


जिले में पिछले लोकसभा चुनाव से अब तक मतदाताओं की संख्या में 43 हजार 309 की बढ़ोतरी हुई है। जबकि साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के मुकाबले 60 हजार से अधिक मतदाता बढ़े हैं.निर्वाचन विभाग की ओर से प्रकाशित की गई मतदाताओं की अंतिम सूची में कुल 9 लाख 31 हजार 825 मतदाता शामिल हैं. इनमें 4 लाख 81 हजार 969पुरूष, 4 लाख 49 हजार 856 महिला तथा 12 थर्ड जेंडर मतदाता हैं. जबकि साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में जिले में 4 लाख 58 हजार 468 पुरुष मतदाता, 4 लाख 30 हजार 48 महिला मतदाता व 8 ट्रांसजेंडर समेत कुल 8 लाख 88 हजार 516 मतदाता थे.