Bundi News: बूंदी जिले में केशवरायपाटन क्षेत्र के चितावा गांव में मुख्य मार्ग पर बरसाती पानी निकासी की ड्रेन से अतिक्रमण हटाने के आदेश की पालना में सीएडी प्रशासन के जरिए  की गई भेदभाव पूर्ण कार्रवाई से नाराज है. नाराजगी को लेकर ग्रामीण बीती शाम को कांग्रेस नेता धन्नालाल मेघवाल, पूर्व सरपंच पति मोहनलाल मीणा सहित करीब 1 दर्जन ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गए.
पानी की टंकी चढ़े ग्रामीण
 ग्रामीणों के पानी की टंकी पर चढ़ने की सूचना से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया. मौके पर पुलिस जाब्ते के साथ तहसीलदार प्रीतम मीणा, सीआई लोकेंद्र पालीवाल पहुंचे. पानी की टंकी पर चढ़ें ग्रामीणों ने कहा कि जब तक नुकसान का मुआवजा उन्हें नहीं मिल जाता वह टंकी से नहीं उतरेगें. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नेता मेघवाल ने कहा कि सरकार गरीबों को बसाने का काम कर रही है. लेकिन प्रशासन हठधर्मिता से भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाते हुए उन्हें उजाड़ने का कार्य कर रही है. प्रशासन चाहता तो ड्रेनेज की बहाली किसी को नुकसान पहुंचाए बगैर भी की जा सकती थी. 
 प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी 
टंकी पर चढ़े ग्रामीण प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे. पुलिस प्रशासन टंकी पर चढ़े ग्रामीणों को उतारने का रात 8 बजे तक प्रयास करता रहा. लेकिन टंकी पर चढ़े ग्रामीण म प्रषासन के खिलाफ मुखर होते रहे. महिलाऐं भी आक्रोशित होती रही. कहा कि जल्दबाजी में प्रशासन ने कई गरीबों को काफी नुकसान पहुंचाया है. जिसकी भरपाई शीघ्र होनी चाहिए. और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कारवाई की जाए.
रोशन बाई मीणा कूदी टंकी से
इसी के साथ  देर रात्रि में रोशन बाई मीणा पानी की टंकी से नीचे कूद गई.वो पहले पानी की टंकी से नीचे उतर आई तो लोगो ने सोचा कि नीचे आ रही है लेकिन बीच रास्ते मे ही टंकी से कूद गई.जिससे हाथ पैर और शरीर के अन्य हिस्से में गंभीर चोटआने  से कोटा अस्पताल में भर्ती कराया है.


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ड्रेनेज की बहाली के दौरान दीवार हटाते समय पूर्व सरपंच कस्तुरीबाई मीणा का मकान ध्वस्त हो गया. मशीन चालक की लापरवाही से मौके पर उपस्थित प्रशासन सकते में आ गया. मकान ध्वस्त होते ही ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति रोष उपजे देख तुरंत प्रशासन सभी मशीनों को मौके ले गया. सरपंच पति मोहनलाल मीणा ने कहा कि मेरा तो सब कुछ ही बर्बाद हो गया. डेªनेज के पास तीन फीट दीवार आ रही थी. लेकिन अतिक्रमण दस्ते ने तो पूरा मकान ही ध्वस्त कर दिया. कर्ज लेकर मकान बनाया था. सरपंच पत्नी की बीमारी से पहले ही मौत हो गई. बच्चांे के लिए आभियान था वह भी नहीं रहा.


 



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