Jaipur: चुनावों में अब सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं होगा. कल विश्व पर्यावरण दिवस पर इसकी जागरुकता के लिए होनेवाली दौड़ के साथ निर्वाचन विभाग अपने रोजमर्रा के कामकाज में एनवायरनमेंट फ्रेंडली तमाम कदम उठा रहा है.


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अब चुनाव प्रक्रिया की तस्वीर काफी कुछ बदलने वाली है. चुनाव सामग्री से लेकर निर्वाचन के छोटे-मोटे काम इन सभी में कागज की खपत कम करने से लेकर अन्य तमाम उपाय किए जा रहे हैं.


ये कदम उठाए जा रहे हैं-


  • भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देश अनुसार विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधरोपण और अन्य पर्यावरण जागरूकता संबंधी राज्य स्तरीय कार्यक्रम निर्वाचन विभाग करेगा. इसके तहत ये कार्यक्रम होंगे-

  • सीईओ कार्यालय ईवीएम वीवीपट वेयरहाउस और पोलिंग बूथों पर पौधरोपण होगा.

  • पर्यावरण विभाग की ओर से निर्वाचन प्रक्रिया में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने की जागरूकता संबंधी राज्य स्तरीय कार्यक्रम ''रन फॉर एनवायरमेंट'' में निर्वाचन विभाग के अधिकारी शामिल होंगे. यही कार्यक्रम जिला स्तर पर और ERO स्तर पर होगा.

  • उधर सीईओ कार्यालय पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अपनी तरह से आगे बढ़ चुका है. सीईओ कार्यालय में सोलर पैनल के जरिए हो रही विद्युत आपूर्ति.

  • सारे ईवीएम और वीवीपैट वेयरहाउस में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया.

  • डीईओ बीएलओ और अन्य विभागों के साथ सरकारी पत्राचार के लिए ईमेल और डिजिटल मीडिया का उपयोग सुनिश्चित किया.

  • नए मतदाता जोड़ने के लिए एप या ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पर दिया सबसे ज्यादा जोर ताकि फॉर्म 6, 7 और 8 का कम मुद्रण हो.


5 जून यानि विश्व पर्यावरण दिवस पर डीईओ स्तर पर ये कदम उठाए जाएंगे-
डीईओ ऑफिस वेयर हाउस पोलिंग बूथ में पौधरोपण होगा.
इसके साथ-साथ सभी ईवीएम वीवीपट वेयरहाउस में सोलर पैनल लगाए जाएंगे.
डीईओ, बीएलओ और अन्य विभागों के साथ सरकारी पत्राचार के लिए ईमेल और डिजिटल मीडिया का ज्यादा से ज्यादा उपयोग किया जाएगा सुनिश्चित.
मतदान और चुनाव संबंधी जागरूकता के लिए काम में आने वाले सभी तरह के प्लास्टिक के झंडे,PVC बैनर्स का उपयोग कम से कम किया जाएगा.
चुनाव प्रक्रिया की निर्वाचन सामग्री पैकेजिंग में इको फ्रेंडली कपड़े या पेपर का इस्तेमाल किया जाएगा.
वन और पर्यावरण विभाग के आयोजित होने वाले वन महोत्सव में नए वोटर्स की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्कूल और कॉलेजों में ELC के जरिये कार्यक्रम आयोजित करने का पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है.
ELC और BLO के जरिए 1 जुलाई 2022 से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने संबंधी प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 की अनु पालना करने के सारे प्रयास किए जाएंगे.


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