Jaipur : केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर विभाग ने राजस्थान से पिछले साल की तुलना में इस साल राजस्व अर्जन और वसूली अधिक की है. वहीं, फर्जी और बोगस यूनिट्स पर कार्रवाई के लिए एक अभियान चलाकर कर चोरी पर भी अकुंश लगाने का काम किया है.


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राजस्थान में फर्जी यूनिट्स की जानकारी जुटाकर रजिस्टेशन लेवल पर रोकने में विभाग को सफलता मिली है. फिलहाल सीजीएसटी राजस्थान में आर्थिक व्यवस्थाओं को खोखला करने वाली फर्जी यूनिट्स पर कडी कार्रवाई करने का भी विभाग ने काम किया है.


सीजीएसटी विभाग की राजस्व वसूली


राजस्थान सीजीएसटी विभाग ने वर्ष 2023 के 9 महीनों में सेंट्रल वस्तु एवं सेवाकर 16751 करोड रु का राजस्व की वसूली की है. पिछले साल सीजीएसटी विभाग ने 15351 करोड रु का राजस्व अर्जित हुआ था. सीजीएसटी ने पिछले साल की तुलना इस साल राजस्व में 9 प्रतिशत ज्यादा राजस्व अर्जित किया है.प्रदेश में बडी यूनिट हिन्दुस्तान जिंक जो कि जिंक का उत्पादन करती है अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कीमत में कमी आने से विभाग को अपेक्षित राजस्व नहीं मिला है.इस साल सीजीएसटी ने राजस्व वसूली में पिछले साल की अंतराल में 44 प्रतिशत से अधिक राजस्व की वसूली की है.


फर्जी व बोगस पर सीजीएसटी की कार्रवाई


सीजीएसटी विभाग ने लगातार 9 महीनों में फर्जी व बोगस यूनिटस के खिलाफ अभियान चलाया गया. इस अभियान में सीजीएसटी ने 200 से ज्यादा यूनिटस का जानकारी जुटाई जिससे पता चला की करीब 283 करोड रू से ज्यादा से कर चोरी की जा रही थी. इसके अलावा अन्य कर चोरी के खिलाफ भी सीजीएसटी ने अभियान चलाया. इस अभियान द्वारा करीब 300 मामलों में 550 करोड रू का राजस्व डिटेक्ट किया और 250 करोड रू की वसूली की गई. इस साल सीजीएसटी विभाग ने वसूली जोर देते हुए पिछले साल की तुलना 44 प्रतिशत राजस्व अधिक वसूला है.


सीजीएसटी विभाग द्वारा आडिट में कर चोरी पकड़ी


सीजीएसटी द्वारा आडिट में भी यूनिटस पर कर चोरी के मामले पकडे है. 466 यूनिटस की आडिट में 411 करोड रुपये कम राजस्व प्राप्ति की जानकारी मिली. जिन पर राजस्व की वसूली की कार्रवाई की जा रही है. सीजीएसटी विभाग ने इस साल फेक यूनिटस यानी फर्जी यूनिटस पर सबसे ज्यादा जोर दिया है. जो फेक यूनिटस आर्थिक व्यवस्था में घूस कर खोखला करने की कोशिश कर रही थी जिन पर विभाग के अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए रोकने का काम किया. क्योकि यह फेक यूनिटस व्यवस्था को खोखला करती है ओर जो लोग सही ईमानदारी से काम कर रहे उनके काम में बाधा होती है. सीजीएसटी विभाग ने अधिकारियों को प्रशिक्षित किया ऐसी फर्जी यूनिटस की जानकारी रजिस्ट्रेशन लेवल पर रोकने में सफलता प्राप्त की है.