Jaipur news: विपक्ष के सांसदों के निलंबन के खिलाफ INDIA गठबंधन ने पूरे प्रदेश में प्रदर्शन किया. हालांकि देशव्यापी प्रदर्शन के आह्वान की कड़ी में हुए इस प्रदर्शन में शुरुआत कांग्रेस के प्रदर्शन के नाम पर हुई, लेकिन बाद में गठबंधन के दूसरे घटक दल के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल हुए.


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 संख्या बल जताने में गठबंधन को जोर आया. लेकिन प्रदर्शन में जुटे नेताओं का कहना था कि यह संख्या बल सिर्फ सांकेतिक है. जरूरत पड़ी तो ज्यादा संख्या में लोग आएंगे, लेकिन लोकतंत्र को बचाने के लिए हर संभव लड़ाई लड़ने का दावा INDIA गठबंधन के लोगों ने किया.



संसद में विपक्ष के सांसद निलम्बिल किये गए हैं. इसके बाद से विपक्ष उद्वेलित है. देश में लोकतंत्र खतरे में बताया जा रहा है। कांग्रेस और INDIA  गठबंधन के घटक दलों का कहना है कि सांसदों की निलंबन की कार्रवाई सरासर गलत है. सांसदों पर हुई इस कार्रवाई का विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि इस पर न सिर्फ राजनीतिक पार्टियों को, बल्कि आमजन को भी ऐतराज जताना चाहिए.


इसी कड़ी में प्रदेशव्यापी प्रदर्शन हुआ। राजधानी जयपुर में शहीद स्मारक पर हुए प्रदर्शन में शुरुआत में तो कांग्रेस के चुनिंदा चेहरे जुटे, लेकिन धीरे-धीरे माकपा, समाजवादी पार्टियों और दूसरे दलों से कारवां बढ़ा भी. पीसीसी चीफ गोविन्द डोटासरा ने कहा कि आज के हालात देखकर ऐसा लगता है कि कहीं देश में संसदीय लोकतन्त्र पूरी तरह ही खत्म ना हो जाए. डोटासरा ने कहा कि अगर आज सांसदों के निलम्बन का विरोध नहीं किया तो भविष्य में चुनाव भी बंद हो सकते हैं.


हालांकि बाद में INDIA गठबंधन के कुछ अन्य घटक दल भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए. माकपा की निशा सिद्धू ने सांसदों के निलम्बन का विरोध तो जताया ही साथ ही प्रदर्शन में आई संख्या को लेकर कहा कि ज़िला स्तरीय कार्यक्रम होने के कारण यह प्रदर्शन सिम्बॉलिक है.


उधर आमेर से नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत शर्मा का कहना है कि संसद में जो सुरक्षा में सेंध लगाई गई. उस मामले पर जवाब मांगने पर भी निलम्बन होता है तो यह गलत है. प्रशान्त शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के प्रतिनिधि के नाते वे लोकतन्त्र को ज़िन्दा रखने की हर लड़ाई अपनी क्षमता में ज़रूर लड़ेंगे.


भले ही कांग्रेस पार्टी और INDIA गठबंधन में उसके सहयोगी दलों ने विरोध प्रदर्शन जताया हो. लेकिन संख्या बल को लेकर इस प्रदर्शन पर बीजेपी ने भी तंज कस ही दिया. बीजेपी नेता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने कहा कि इस प्रदर्शन की हवा निकल गई है. उन्होंने कहा कि अब जनता कांग्रेस की आधारहीन बातों में नहीं आने वाली है.


कांग्रेस और INDIA  गठबंधन ने विरोध जताकर अपनी भावनाओं का इज़हार तो किया लेकिन सवाल यह है कि क्या विरोध के नाम पर जुटे इन चेहरों की एकजुटता को कांग्रेस बरकरार रख सकेगी?


पीसीसी चीफ गोविन्द डोटासरा ने एकजुटता बनाये रखने की बात कही लेकिन सवाल यह कि क्या दूसरे दल अगर कोई विरोध प्रदर्शन का कॉल करेंगे. कांग्रेस समेत सभी घटक एक जाजम पर आएंगे?