Jaipur literature festival: राजधानी जयपुर में जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का 16 संस्करण आयोजित किया जा रहा है. जेएलएफ में देश ही नहीं विदेश के भी कई साहित्यकार, लेखक और चिंतक शिरकत कर रहे हैं. फेस्टिवल के आयोजक संजॉय रॉय ने जेएलएफ 2023 के बारे में  बताया कि इस कार्यक्रम को आयोजित करने का मात्र एक ही मकसद है कि आमजन को देश की कला एवं संस्कृति से रूबरू हो. साथ ही वह कला साहित्य को करीब से जान सके. 


COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

ये भी पढ़ें- JDA Bulldozer: सुबह होते ही गरजने लगा जयपुर में जेडीए का बुलडोजर, गुर्जर की थड़ी पर बनी 5 मंजिला अवैध इमारत ध्वस्त


वहीं उन्होंने भाजपा के जरिए मुगल टेंट और दरबार हॉल को लेकर सवाल उठाए जाने पर कहा कि मुगल टेंट और दरबार हॉल यह उनकी निजी राय है. मुगल टेंट और दरबार हॉल का निर्माण उसी शैली में किया गया था जो कि डिग्गी पैलेस में निर्माणाधीन है. इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए इस बार भी मुगल और दरबार हॉल के नाम रखे गए हैं.


 वही संजोय रॉय ने कहा उनका राजनीति से कोई दूर-दूर तक का लेना देना नहीं है. इसी के साथ उन्होंने कहा 4 जून को जर्मनी में भी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा जिससे दोनों देशों की संस्कृति का आदान-प्रदान होगा और प्रदेश वासियों को और देशवासियों को इसका लाभ मिलेगा.


बता दें कि बीजेपी ओर से लिटरेचर फेस्टिवल में एक टेंट का नाम मुगल टेंट होने को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई है. भाजपा नेताओं ने कहा कि आयोजकों ने मुगल टेंट का नाम देकर हमारी भावनाओं को आहत करने का काम किया है. अपने इस फैसले पर आयोजकों को पुनर्विचार करना चाहिए.


यह भी पढ़ेंः 


Lopamudra Raut की बोल्डनेस के आगे फीका पड़ा Urfi Javed का जलवा, फोटोज देख फैंस ने की तुलना


Shweta Tiwari Bold Look: श्वेता तिवारी के इन 5 साड़ी लुक्स ने पार की Boldness की सारी हदें, फोटोज देख बढ़ गईं फैंस की धड़कनें