Jaipur: राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेलों के दूसरे चरण के तहत ब्लॉक स्तर पर चार दिवसीय खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है. मंगलवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दूदू में ग्रामीण ओलंपिक खेलों का अवलोकन करने पहुंचे. इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में किए जा रहे कार्यों को जनता के साथ साझा किया, तो वहीं केंद्र सरकार को भी जमकर आड़े हाथों लिया. 


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मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे खुशी है कि मुझे दूदू आने का मौका मिला है. ग्रामीण ओलंपिक खेल हमारा सपना था कि राजस्थान में खेलों का विकास हो. राजस्थान के खिलाड़ी विश्व पटल पर नाम रोशन करें, देश की आबादी 135 करोड़ है, तो वहीं राजस्थान की आबादी साढ़े 7 करोड़ है लेकिन, मैंने देखा की छोटे-छोटे देश ओलंपिक में पदक जीत रहे हैं, लेकिन हम उतने पदक नहीं जीत पा रहे हैं. प्रदेश में खेलों की प्रतिभा आगे बढ़ सकें. प्रदेश में खेलों का माहौल बन सके. इसको ध्यान में रखते हुए इन खेलों की शुरुआत की है. 


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संबोधित करते हुए कि अभी थोड़ी देर पहले मेरा कार्यक्रम नावां में था और मैंने देखा कि लोग धोती पहनकर खेल रहे थे. मेरे पास ऐसे लाखों वीडियो आ रहे हैं, जिसमें बुजुर्ग और युवा एक साथ खेलते हुए नजर आ रहे हैं. हमने प्रदेश में खिलाड़ियों के लिए सरकारी भर्तियों में 2 फीसदी का कोटा निर्धारित किया है. इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नौकरी दी जा रही है. टोक्यो पैरा ओलंपिक में पदक जीतकर आने वाले चारों खिलाड़ियों को हमने नगद पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया. खेलों में खेल की भावना होनी चाहिए, जिस घर में झगड़ा होता है वह घर आगे नहीं बढ़ता है और जिस गांव में झगड़े होते हैं उस गांव का कभी विकास नहीं होता है. 


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि नए एक्ट के तहत संविदा पर नौकरी योजना शुरू की जा रही है. मेरी कोशिश रहेगी कि खिलाड़ियों को भी इसमें वरीयता दी जाए. अभी फिलहाल यह प्रतियोगिताएं गांवों में की जा रही है, लेकिन जल्द ही शहरी ओलंपिक खेलों का भी आयोजन किया जाएगा. आज युवाओं में नशे की समस्या बढ़ रही है. युवाओं को इस समस्या से दूर करने की हमारी कोशिश है. बाबूलाल नागर जैसा लाडला विधायक आपको मिला है, जिसने आपका दिल जीता है. एक विधायक के लिए इससे बड़ी बात क्या होगी. मैं पिछले 30-35 सालों से बाबूलाल नागर को जानता हूं, जिम्मेदारी को अच्छे से निभाते हैं. दूदू को इन्होंने जिला बनाने की बात रखी है. पिछले 2 साल में हमारी ओर से 211 कॉलेज खोल दिए गए हैं और इसमें 90 से ज्यादा कॉलेज तो सिर्फ बालिकाओं के हैं. मैंने घोषणा की थी कि जिस स्कूल में लड़कियों की संख्या 500 से ज्यादा होगी उसे स्कूल को कॉलेज बना दिया जाएगा. आज संख्या के हिसाब से प्रदेश की लड़कियां पढ़ने में लड़कों से ज्यादा हो गई हैं. 


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राजस्थान में अंडरग्राउंड पानी की कमी है. राजस्थान के कई जिलों में नल पहुंच भी जाए तो पानी कैसे पहुंचेगा यह चिंता का विषय है, इसको केंद्र और राज्यों को मिलकर सुलझाना होगा. राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों में अंतर है. प्रधानमंत्री को इस बात को समझना चाहिए, मैं प्रधानमंत्री से अपील करता हूं कि राजस्थान को अलग श्रेणी में रखा जाए. बिजली के बिलों में हमारी ओर से राहत दी गई है और आने वाला बजट युवाओं, छात्रों के लिए रहेगा. हमारे पिछले कार्यकाल में कई काम शुरू किए गए थे, लेकिन सरकार बदली और काम बंद कर दिए गए, लेकिन जब हमारी सरकार फिर से सत्ता में आई तो हमने बीजेपी के शुरू किए गए कामों को बंद नहीं किया. काम बंद करने से विकास रुक जाता है. 


आज हम इलाज और दवा फ्री दे रहे हैं. जनता ने हमे चुना है तो लोक कल्याणकारी काम होने चाहिए, लेकिन विपक्ष और केंद्र सरकार का कहना है की ये रेवड़िया है, मैं कहना चाहता हूं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जन कल्याण योजना जनता के लिए होनी चाहिए. चिरंजीवी योजना को पूरे देश में लागू करना चाहिए. राइट टू हेल्थ का लाभ मिलना चाहिए. हमारी योजनाओं को अगर केंद्र सरकार लाएगी तो देश का भला होगा. देश में इस समय 16 राष्ट्रीय परियोजनाएं चल रही है, लेकिन राजस्थान के लिए एक भी परियोजना नहीं है. राजस्थान से 25 सांसद जीता दिए हैं, यह सांसद क्या निकम्मे-नाकारा हैं, जो केंद्र से बात नहीं कर सकते हैं. अगर तुम बात नहीं कर सकते हो तो हमें लेकर जाओ हम प्रधानमंत्री से बात करेंगे, हमारी सिर्फ ईआरसीपी की एक ही मांग है, जिसको पूरा कर दो. 


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