Rajasthan Chunav Result 2023: राजस्थान में मतदान के बाद अब 3 दिसंबर यानि की परिणाम का का इंतजार है. जयपुर की 19 विधानसभा सीटों की मतगणना राजस्थान और कॉमर्स कॉलेज में होगी. जयपुर में 19 विधानसभा सीटों पर 199 प्रत्याशियों का भाग्य और 38 हजार 67 लाख 750 से ज्यादा मतदाताओं का मन ईवीएम और डाकमत पत्र में कैद है.


199 प्रत्याशियों का भाग्य कैद 


COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों के मुताबिक 3 दिसंबर को सुबह 8 बजे डाक मत पत्रों की गिनती शुरू होगी. इसके आधा घंटे बाद ईवीएम के वोटों की गिनती शुरू की जायेगी. दोनों प्रकार के मतों की गिनती समानान्तर रूप से जारी रह सकेगी.मतगणना को लेकर जयपुर जिले के 19 रिटर्निग अधिकारियों और 126 सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को आज ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया.


3 दिसंबर को सुबह 8 बजे से गिनती शुरू


जिसमें उन्हे सर्विस वोटर वाले ETPBS वोट, ईवीएम के वोट और डाक मत पत्र गिनने की बारीकियां सिखाई गईं. सुबह 12 से शाम 5 बजे तक तीन चरणों में ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया. पहले चरण में सर्विस वोटर वाले ETPBS (इलेक्ट्रानिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलैट सिस्टम) की काउंटिग की ट्रेनिंग दी गई.


जिसमें बताया गया की सबसे पहले ETPBS (इलेक्ट्रानिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलैट सिस्टम) से प्राप्त मतों के क्यूआर कोड की स्कैनिंग करके काउटिंग करनी हैं. उसके बाद अलग टेबलों पर डाकमत पत्रों की गणना की ट्रेनिंग दी गई. इसके बाद तीसरे चरण में ईवीएम को स्ट्रॉग रूम से काउंटिंग रूम तक लाने की प्रकिया के बारे में बताया गया.


काउंटिंग को लेकर दी गई ट्रेनिंग 


साथ में ईवीएम से कैसे काउंटिंग करनी है इसको लेकर ट्रेनिंग दी गई. ट्रेनिंग में बताया की ईवीएम की सील सभी को दिखाने के बाद खोली जाती है और अलग-अलग राउंड में ईवीएम से मतों की गिनती की जाती है. ईवीएम मशीन से काउंटिंग पूरी होने के बाद रिटर्निंग आफिसर और आब्‍जर्वर एक राउंड में किस प्रत्याशी को कितने वोट मिले इसकी कॉपी जारी करते हैं.


ये भी पढ़ें- क्या जयपुर से फिर बनेंगे 3 मंत्री! सोशल इंजीनियरिंग, प्रभाव और मजबूत पकड़ होगी आधार


इसके बाद स्ट्रांग रूम से नई ईवीएम टेबल पर लाई जाती है. मतगणना के आंकडो को फीड करने के लिए इनकोर पोर्टल बनाया है. इससे वोट काउंटिंग की राउंडवार जानकारी मिल सकेगी. इनकोर पोर्टल में ईटीबीपीएस से प्राप्त डाक मतपत्रों की जानकारी सबसे पहले अपलोड होगी. इसके बाद हर राउंड की मतगणना के बाद मतगणना टेबिल क्रमांक के अनुसार हर उम्मीदवार को मिले मतों की संख्या दर्ज की जाएगी. उसे पोर्टल पर प्रदर्शित भी किया जाएगा. सभी चक्रों की जानकारी इनकोर पोर्टल में डालने से सभी को मतगणना की स्थिति का पल-पल पता चलता रहेगा.