Rajasthan politics: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से लगाए आरोपों पर केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह ने पलटवार किया. पीसीसी में सुबह सीएम अशोक गहलोत ने पीएम मोदी के दौरों को लेकर कहा कि पीएम छह बार दौरे पर आ चुके हैं, अपडाउन भी करें तो हमारी सरकार रिपीट होगी. शाम को बीजेपी कार्यालय में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पलटवार करते हुए आरोपों को करारा जवाब दिया. इसके अलावा भी सीएम के दूसरे अन्य आरोपों को भी खारिज करते हुए शेखावत ने पलटवार किया.


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पीसीसी में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम के बाद सीएम ने पीएम के दौरों को लेकर कटाक्ष किया था. शाम को केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि लगता है, सीएम की लोकतंत्र में आस्था समाप्त हो चुकी है. पीएम राजस्थान के दौरे पर आ रहे हैं ताे जनता को हजारों करोड़ की सौगात दे रहे हैं. प्रदेश में रेल, सड़क या अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर का शिलान्यास-लोकार्पण करने पीएम आ रहे हैं. क्या प्रदेश की जनता को पीएम सौगात दे रहे हैं तो मुख्यमंत्री गहलोत को अच्छा नहीं लग रहा है. यदि पीएम कुछ दे रहे हैं गहलोत की धड़कने क्यों बढ़ रही है ? लगता है विकास से सीएम गहलोत को डर लगता हैं. अब उनकी सरकार को जनता जवाब देगी.


 



इसी तरह सीएम द्वारा शेखावत सहित बीजेपी नेताओं पर उनकी सरकार गिराने के षड़यंत्र के आरोपों पर कहा कि सीएम ने सरकार बचाने की कीमत प्रदेश की जनता ने चुकाई. राजस्थान के संसाधनों को लूटा गया. कांग्रेस के विधायकों ने जमकर मनमर्जी की. जो फूड पैकेट बांटे गए उसमें भी भ्रष्टाचार सामने आ गया हैं कि किस तरह से उन पैकेट्स में मिलावट की गई. सीएम केवल राजनीतिक उद्देशयों के चलते योजनाएं बना रहे हैं. इससे भले ही वे सरकारी दफ्तरों की अलमारियों को भरें लेकिन राजस्थान की जनता को बख्श दें.


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था कि मुझे गिरफ्तार करने की कोशिशें की जा रही है और गजेंद्र सिंह संजीवनी घोटाले में जमानत पर चल रहे हैं. इस पर केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह ने कहा कि सीएम की दिल की धड़कने क्यों बढ रही हैं. मुझे सीएम दोषी बनाने पर तुले हुए थे, उनकी पुलिस भी पुरी तरह अपराधी बनाने पर तुली थी. लेकिन कोर्ट में मैने अप्लीकेशन दी थी. इससे कोर्ट ने राहत दी. लेकिन अब गहलोत साहब को बेल बांड भरना पड़ेगा. इसलिए उन्होंने अपने पैरों पर पट्टी बांध ली हैं. सीएम ने यदि मानहानि नहीं की है.


और अपराधी नहीं हैं तो उन्हें डरने की जरूरत नहीं हैं. दावें के साथ कह सकता हूं कि मेरा और परिवार का संजीवनी से कोई लेना देना नहीं हैं.एसओजी की जांच में आरोपी पाया गया तो कौनसी तारीख थी. केस डायरी में अभियुक्त के रूप में कहां नाम दर्ज किया है . उन्होंने बयान में कहा कि एसओजी ने प्रारंभ से ही दोषी माना है तो चार चार चार्जशीट पेश हुई है, लेकिन उनमें नाम क्यों नहीं है . शेखावत ने कहा कि दूसरों पर सौ छींटे उछालते हैं तो पचास खुद की कमीज पर गिरते हैं. कालिख उछालने के केस में पहली बार अशोक गहलोत फंसे हैं . ऐसे में वो खुद को विक्टिम बताकर सहानुभूति बटाेरने का काम कर रहे हैं.



केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह राहुल गांधी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा कि चीन ने देश की जमीन पर कब्जा किया है. इस पर गजेन्द्र सिंह ने कहा कि राहुल गांधी को इतिहास देखना चाहिए कि उनके नाना,दादी और पिता के समय कितनी जमीन गई थी. राहुल गांधी को देश और उनकी पार्टी के लोग तो छोड़िए खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी सीरीयस नहीं लेते है. इसीलिए गहलोत राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बने और ना हीं सीडब्लूसी का सदस्य नहीं बनाया गया. गजेन्द्र सिंह ने कहा कि एजेंसियों के दुरूपयोग के सवाल पर कहा कि खुद एजेंसियों का दुरूपयोग करने की बात कहने वाली गहलोत सरकार को कोई अधिकार नहीं हैं. 


क्योंकि एक सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति ने बिजली नहीं आने पर सरकार की आलोचना कर दी तो अनैतिक रूप से थाने में बंद कर दिया गया. लोगों से बेवजह थानों में बंद करके उनके साथ मारपीट की गई. लोहावट विधानसभा में गब्बर आ जाएगा इस तरह का कथन चर्चाओं में बनी हुई हैं. राजैनतिक महत्वकांक्षाओं के लिए सीएम अशोक गहलोत ने मीडिया को भी निशाने पर लिया. गजेन्द्र सिंह ने कहा कि यदि उनके खिलाफ कोई सबूत मिलता तो वे छोड़ते नहीं . लेकिन कुछ था नहीं. गैंगरेप के पीडित को जेल में बंद कर मामले में एफआर लगा दी गई.


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