Jaipur: राजस्थान के बेरोजगार अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर धरने और प्रदर्शन के रास्तों पर नजर आते है. कभी आंदोलन तो कभी भूख हड़ताल भी करते हुए नजर आ ही जाते हैं लेकिन अब मांग सरकार तक पहुंचाने के लिए बेरोजगार नया रास्ता अपनाते हुए नजर आ रहे है और वो रास्ता है राजस्थान के बाहर जाकर अपनी बात रखना. जी हां राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ ने अपनी मांगों को लेकर गुजरात चुनाव में कांग्रेस के विरोध की चेतावनी दे डाली है. साथ ही अधिकारियों और मंत्रियों पर बेरोजगारों की सुनवाई नहीं करने के आरोप भी लगाए है.


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गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीख की घोषणा हो चुकी है लेकिन राजस्थान के युवा बेरोजगारों ने इन चुनावों में कांग्रेस के विरोध में उतरने की घोषणा कर दी है. बेरोजगारों ने गुजरात चुनाव में कांग्रेस का विरोध करने के लिए कूच करने की चेतावनी के साथ ही जहां राजस्थान कांग्रेस के जनप्रतिनिधि जनसभाएं और प्रचार-प्रसार करेंगे, वहां प्रदेश के बेरोजगारों द्वारा उनका विरोध करने की चेतावनी दी है.


राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ अध्यक्ष उपेन यादव का कहना है कि जब मंत्रियों से किए लिखित समझौता, लखनऊ समझौता और आंदोलन के बाद किए गए आश्वासन याद दिलाए तो बदले में लाठी और मुकदमे मिले. युवाओं ने लखनऊ की तरफ कूच किया तो इसे अनुचित करार देते हुए मांगों को सुनने का आश्वासन भी दिया लेकिन अब ना तो मुलाकात का समय मिल रहा है और ना ही समस्याओं का निस्तारण हो रहा है. अधिकारी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं तो मंत्रियों के पास जवाब देने तक का समय नहीं है, जिसके चलते अब बेरोजगारों को परेशान होकर गुजरात कूच की चेतावनी देनी पड़ी है.


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