Jaisalmer news: सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पी एस नरसिम्हा निकले जैसलमेर के दौरे पर. जैसलमेर बार एसोसिएशन पहुंच कर जैसलमेर के अधिवक्ताओं को किया संबोधित, मिडियसन प्रणाली अपग्रेड करने की जरूरत.


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निजी यात्रा पर आए जैसलमेर 
उच्चतम न्यायालय के जस्टिस पीएस नरसिम्हा अपनी निजी यात्रा पर जैसलमेर आए व जैसलमेर की पर्यटक स्थलों को उन्होंने देखा. वही जैसलमेर न्यायालय परिसर में पहुंचे. जहां जिला एवं सत्र न्यायाधीश जैसलमेर पूरण कुमार शर्मा ने अगवानी की ओर गुलदस्ता भेंट कर जस्टिस नरसिम्हा का स्वागत किया. जैसलमेर में स्थित सभी न्यायिक अधिकारियों ने भी उनका स्वागत किया और मुलाकात की.


पी एस नरसिम्हा को सीधे बार से नियुक्त किया गया है
जैसलमेर जिला बार एसोसिएशन के मीटिंग हॉल में सभी सदस्यों और पदाधिकारियों ने उनसे मुलाकात की और जैसलमेर आने पर उनका स्वागत किया. गौरतलब है कि पीएस नरसिम्हा सुप्रीम कोर्ट के ऐसे जज हैं जिन्हें सीधे बार से नियुक्त किया गया है. उनके पास 2027 में भारत के चीफ जस्टिस बनने का मौका भी है. इस दौरान जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि सभी विधाओं में अध्यात्म विद्या ही श्रेष्ठ है.


जस्टिस नरसिम्हा ने कहा :
 वकालत का पेशा सर्वश्रेष्ठ है. नए वकीलों को मेहनत के साथ इसे करियर के रूप में अपनाना चाहिए. जस्टिस नरसिम्हा ने वकीलों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के युग में 15-15 सालों तक मामलों की सुनवाई नहीं हो पाती है, क्योंकि जजों की कमी है. हमें मिडियसन प्रणाली को अपग्रेड करके और वकीलों को ट्रेंड मिडियेटर बनकर मामलों को जल्दी से निपटाना चाहिए.
 
जस्टिस पी एस नरसिम्हा ने कहा की नए वकीलों को मेहनत के साथ इसे करियर के रूप में अपनाने की जरूरत है. उन्होंने ये भी कहा की इस वक्त देश में जजों की कमी है.  


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