उदयपुरवाटीः झुंझुनूं के उदयपुरवाटी से बड़ी खबर मिल रही है,  पूर्व शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता प्रो. वासुदेव देवनानी ने कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि जिस प्रदेश के 90 विधायक अपना इस्तीफा दे चुके हैं, वहां पर संवैधानिक संकट हो गया है. ऐसे में राजस्थान में जल्द से जल्द विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर राष्ट्रपति शासन लगना चाहिए. यही नहीं मध्यावधि चुनाव करवाकर नई सरकार को सत्ता में आने का मौका मिलना चाहिए. पूर्व मंत्री देवनानी झुंझुनूं के उदयपुरवाटी में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. वे यहां पर शाकंभरी मैया के दरबार में शीश नवाने आए थे. जहां पर पंडित केदार शर्मा के सहयोग में चल रहे शतचंडी पूजा में उन्होंने हिस्सा लिया.


COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

 उनके साथ पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी भी मौजूद थे. इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए देवनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत माफी मांगने की नौटंकी और आंसू बहाकर अपने आलाकमान को धोखा दे रहे हैं, जो व्यक्ति अपने आलाकमान का विश्वास तोड़ सकता है, वो किसी का भी सगा नहीं हो सकता. 


उन्होंने कहा कि वर्तमान हालातों में भी मंत्री लगातार तबादला सूचियां जारी कर रहे हैं, जो अवैधानिक है. जो मंत्री अपने विधायक पद से इस्तीफा दे चुका है. वो अपने सभी नैतिक अधिकार खो चुका है. देवनानी ने कहा कि पिछले चार सालों से पायलट और गहलोत की लड़ाई में प्रदेश की जनता पिस रही है. इस लड़ाई का तोड़ कांग्रेस आलाकमान के पास भी नहीं है. अब कांग्रेस का आलाकमान भी असहाय हो गया है.


मोदी और कमल के निशान पर लड़ेंगे चुनाव
भाजपा में गुटबाजी के सवाल पर देवनानी ने कहा कि भाजपा में हाईकमान जो तय करेगा. वो ही हमारा नेता होगा. विधानसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और कमल के फूल के चेहरे पर लड़ा जाएगा. हमारे बीच में कोई भी गुटबाजी नहीं है, गुटबाजी मीडिया द्वारा बनाई गई अफवाह है.


10-11 ही आएंगे चुनावों में
देवानानी ने दावा किया है कि जब अशोक गहलोत मुख्यमंत्री बने है, तब-तब कांग्रेस सरकार रिपीट नहीं हुई. पहली बार में कांग्रेस चुनावों में उतरी तो 50-55 सीटें आई. दूसरी बार में 20-22 सीटें ही आई. उस हिसाब से मुश्किल से 10-11 सीटें ही कांग्रेस जीत पाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार रिपीट करने का दावा करने मुंगेरीलाल के हसीन सपने जैसा है, साथ ही 2023 में राजस्थान और छत्तीसीगढ़ से कांग्रेस को हराकर हम कांग्रेस मुक्त भारत का मिशन पूरा करेंगे.


बोर्ड टांगने से नहीं बन जाती इंग्लिश मीडियम स्कूल
इस मौके पर देवनानी ने प्रदेश में शिक्षा के ढर्रे को लेकर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि हिंदी मीडियम स्कूलों को बंद कर इंग्लिश मीडियम का बोर्ड टांगने से ही केवल स्कूल बदल नहीं जाती. हालात यह हो गए है कि इंग्लिश मीडियम में हिंदी मीडियम से भी बदतर पढाई हो रही है. हिंदी मीडियम के विद्यार्थी एडमिशन के लिए ठोकरे खा रहे हैं, कहीं पर स्टाफ ज्यादा तो बच्चे कम हैं, तो कहीं पर बच्चे ज्यादा तो स्टाफ कम है. आए दिन तालेबंदी की खबरें आ रही हैं. हमने शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान को 26वें स्थान से दूसरे स्थान पर लाने के लिए जी तोड़ कोशिश की. कांग्रेस ने महज चार सालों में दूसरे स्थान से राजस्थान की शिक्षा को 18वें स्थान पर ले जाने का रिकॉर्ड बनाया है.


ये भी पढ़ें- Congress President Election: थरूर फन में माहिर, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए खड़गे सबसे उपयुक्त- सीएम गहलोत


Reporter- Sandeep Kedia