Jhunjhunu: झुंझुनूं के पिलानी में शिक्षा विभाग ने अपने एक प्रिंसीपल को ऐसा ईनाम दिया जासके बारे में सुनकर हर कोई हैरान है. दरअसल प्रिंसीपल सुरेंद्र कुमार डूडी का स्थानान्तरण करीब नौ माह पहले लांबा गांव की सरकारी स्कूल में किया गया था. जिसके बाद यहां कार्यरत प्रिंसीपल मुनेष कुमार अपने स्थानान्तरण से खफा होकर कोर्ट में चली गई थी, हाल ही में शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी कर कोर्ट के स्टे से एक ही स्कूल में बैठे दो समक्षक पद के कार्मिकों को उसी स्कूल में रहने देने और दूसरे को दूसरी स्कूल में भेजने को कहा है, जिसके बाद सुरेंद्र कुमार डूडी का स्थानान्तरण धींगड़िया स्कूल में हो गया है. इस स्थानान्तरण की सूचना ज्यों ही ग्रामीणों को लगी उन्होंने बैठक कर इसका विरोध किया है, साथ ही शिक्षा विभाग के इस फैसले से हैरान भी है.


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ग्रामीणों ने बताया कि प्रिंसीपल सुरेंद्र कुमार डूडी की मेहनत से प्रभावित होकर उन्होंने अपने बच्चों के प्राइवेट स्कूलों से टीसी कटवाकर सरकारी स्कूल में एडमिशन करवा दिए, अब उसी प्रिंसीपल का तबादला कर दिया. नामांकन बढ़ाने, स्कूल में भामाशाहों के सहयोग से विकास कार्य करवाने, परिणाम में सुधार लाने का ऐसा ईनाम दिया है कि महज नौ महीने बाद ही उनका स्थानान्तरण कर दिया गया है. 


डेढ़ गुना हो गए थे एक सप्ताह में एडमिशन


जानकारी के मुताबिक इस सरकारी स्कूल में पहले 200 के करीब नामांकन था, हाल ही में प्रवेशोत्सव के तहत एक सप्ताह में डोर टू डोर कैंपेन कर प्रिंसीपल सुरेंद्र डूडी के प्रयासों से इसमें 125 नए बच्चों ने एडमिशन लिए. इनमें से 80 फीसदी बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले थे, लेकिन फिर भी सुरेंद्र कुमार डूडी का स्थानान्तरण कर दिया. वहीं 50 लाख रूपए इकट्ठा कर भामाशाहों की मदद से उन्होंने विकास कार्य करवाए. 


Reporter - Sandeep Kedia


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