Deedwana: नागौर जिले में लंपी वायरस की वजह से गौवंश पर खतरा मंडराने लगा है.  जिससे जिले में प्रतिदिन सैंकड़ों पशुओं की मौत हो रही है. हालांकि पशुपालन विभाग के पास जो आंकड़े हैं, वो बहुत ही कम है क्योंकि विभाग के पास केवल वही आंकड़े दर्ज हैं जिनकी मौत सरकारी पशु चिकित्सक के इलाज के दौरान या अस्पताल में हुई है. इनमें पशु पालकों और आवारा गौवंश के आंकड़े शामिल नहीं है. लेकिन डीडवाना में नगरपालिका का डंपिंग यार्ड में  इन मौतों का गवाह बना हुआ है. 


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नगरपालिका के सैनेट्री इंस्पेक्टर के हिसाब से यहां प्रतिदिन 25 से 30 मरे हुए गौवंश लाए जा रहे हैं. मौतों का यह सिलसिला पिछले 10 दिनों से लगातार जारी है. इस लिहाज से अकेले डीडवाना शहरी क्षेत्र में ही तकरीबन 300 गोवंश की अब तक मौत हो चुकी है.


सबसे बड़ी परेशान करने वाली बात यह है कि लंपि वायरस की अभी तक कोई आधिकारिक वैक्सीन नहीं आई है. इस संक्रामक बीमारी से ज्यादातर गाएं और दुधारू पशु चपेट में आ रहे हैं. इस बीमारी की वजह से पशुओं की दूध देने की क्षमता भी प्रभावित होने लगी है. जिससे पशुओं के अचानक बीमार होने से  जिले के पशुपालक चिंतित  हो रहे हैं. दरअसल, पशुपालन विभाग की टीमें इस बीमारी से संक्रमित पशुओ का सर्वे और उपचार करने में जुटी है.


बता दें कि, डीडवाना में पशुपालन विभाग की सर्वे टीम  के जरिए  13,108 पशुओं का सर्वे अभ तक हो चुका है, उनमें 980 पशु लंपि रोग से ग्रसित है. वहीं, जिलेभर में किए सर्वे 53,233 पशुओं के सर्वे किया जा चुका है. जिसमें से 3 हजार 475 पशु लंपी स्किन बीमार से संक्रमित मिले हैं. इसके अलावा चौंकाने वाला आंकड़ा यह भी सामने आया है कि अब तक सरकारी रिकॉर्ड के हिसाब से जिले में केवल 100 पशुओं की इस बीमारी से मौत हुई है. डीडवाना में रिकार्ड के अनुसार 9 पशुओं की मौत हुई है. हालांकि यह आंकड़ा केवल विभाग द्वारा किए जा रहे सर्वे में ही सामने आ चुके हैं। पशुपालन विभाग ने पशुपालकों को पशुओं के रख-रखाव में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है.


पशुपालकों को बीमारी से बचने में सावधानी बरतने की हिदायत
जानकारी के अनुसार, यह वायरस मच्छरों और मक्खियों जैसे खून चूसने वाले कीड़ों से फैलता है. दूषित पानी, लार और चारे की वजह से पशुओं में ये रोग होता है. पशुओं में इस बीमारी के लक्षण दिखने पर सबसे पहले अपनी बीमार गाय-भैंसों को अन्य पशुओं से अलग कर देनी चाहिए. इसके अलावा बीमार और स्वस्थ्य पशुओं को रखने वाले स्थान पर साफ-सफाई रखें.


Reporter: Hanuman Tanwar


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