Nagaur News: नागौर जिले में नौकरी दिलाने की ठगी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो जनों को नागौर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. सैकण्ड ग्रेड टीचर भर्ती परीक्षा में पास करवाकर सलेक्शन कराने के नाम पर डेढ़ लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है. इसमें पीड़ित की रिपोर्ट पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. उसमें से एक नागौर की उड़ान करियर पॉइंट कोचिंग सेंटर का संचालक व दूसरा आरोपी सवाई माधोपुर जिले के बामणवास का निवासी है. पुलिस अब दोनों पूछताछ कर बरामदगी के प्रयास कर रही है.


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नागौर पुलिस अधीक्षक राममूर्ति जोशी ने बताया कि नागौर की मरूधर कॉलोनी निवासी महेंद्र सिंह चारण पुत्र भवानीसिंह ने 23 दिसंबर को रिपोर्ट पेश कर बताया कि वह प्रकाश सोलंकी की उडान केरियर पोईंट कोचिंग सेंटर में पढने जाता है. प्रकाश सोलंकी ने उसे बताया कि राजेश मीणा काफी लोगों को परीक्षाओं में पास करवा चुका है. वह आपका काम करवा देगा तथा बताया कि जिस दिन सैकण्ड ग्रेड परीक्षा होगी उससे पहले राजेश मीणा का फोन आएगा और वह आपका काम करा देगा. 


इसके बदले में प्रकाश सोलंकी और राजेश मीणा ने पीड़ित परिवादी से डेढ़ लाख रुपए हड़प लिए थे. पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया. इस पर एसपी के निर्देश पर एएसपी राजेश मीणा और डीएसपी विनोद कुमार सीपा के निकटतम सुपरविजन में कोतवाली थानाधिकारी हनुमानसिंह चौधारी मय टीम व डीएसटी टीम ने मामले की जांच शुरू की. इस प्रकरण में अनुसंधान अधिकारी कोतवाली के उप निरीक्षक सुखराम ने त्वरित अनुसंधान कर साक्ष्य संकलन किए और आरोपी मानासर की शास्त्रीनगर निवासी प्रकाश सोलंकी पुत्र धनराज जाति दर्जी तथा सवाई माधोपुर के बामणवास तहसील के बिंजारी गांव निवासी राजेश मीणा पुत्र प्रहलाद मीणा को गिरफ्तार कर लिया. जांच में सामने आया है कि राजेश मीणा पूर्व में 30-40 युवकों से ऐसी ही ठगी कर चुका है. पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है.


सांसद हनुमान बेनीवाल ने पेपर लीक पर उठाए सवाल


राजस्थान में राजस्थान वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा मामले में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर हमला बोला और ट्वीट करते हुए कहा कि राजस्थान में RPSC द्वारा आयोजित 2nd ग्रेड अध्यापक प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक हो जाने के समाचार प्राप्त हो रहे है,परीक्षा के आयोजन से पूर्व ही पेपर आउट हो जाना मेहनतकश छात्रों के सपनों के साथ कुठाराघात है जिसके लिए पूर्णतया राजस्थान की सरकार जिम्मेदार है. राजस्थान में पेपर लीक होने की परंपरा बन चुकी है और RPSC सहित तमाम भर्ती परीक्षाओं का आयोजन करने वाली संस्थाओं / एजेंसियों में व्याप्त संस्थागत भ्रष्टाचार और ऐसे जिम्मेदारों को सत्ता में बैठे लोगो की सह के कारण ऐसा हो रहा है.


वहीं सांसद हनुमान बेनीवाल ने लिखा की क्या मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी आप बताएंगे कि आखिरकार राजस्थान में पेपर आउट होने का सिलसिला कब थमेगा ?