Nagaur News: नागौर के राजकीय महाविद्यालय के स्टूडेंट्स ने किया योगा, डॉ. सुनिता बाजिया ने दिए ये टिप्स. इस दौरान कार्यशाला की थीम योगा एण्ड स्ट्रेस मेनेजमेंट रही. इसमें मुख्य वक्ता के रूप में नागौर योग एवं नेचुरोपेथी अधिकारी डॉ.सुनिता बाजिया रही. इस दौरान डॉ.सुनिता बाजिया ने महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को योग के बारे में जानकारी दी साथ ही योगाभ्यास करवाया.


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इस दौरान डॉ. सुनिता बाजिया ने कार्यशाला में बताया कि योग करने से हमारा शरीर व मस्तिष्क स्वस्थ रहते हैं प्रति दिन हमें एक से दो घंटे योगाभ्यास करना चाहिए ताकि शरीर में होने वाली बिमारियों से भी मुक्ति मिलती है.


 वहीं, कार्यशाला समन्वयक डॉ.प्रेमसिंह बुगासरा ने बताया कि स्वस्थ जीवन शैली में योग ध्यान का अहम भुमिका है,जिसे अपना कर विद्यार्थी अपने स्वास्थ्य,मन, मस्तिष्क को स्वस्थ रख सकते हैं. डॉ.पूर्णिमा कत्याल ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि जीवन की हर परिस्थिती का सामना मुस्कुराते हुए करना चाहिए.


कार्यशाला के द्वितीय सत्र में डॉ.सुनिता बाजिया ने स्ट्रेस के विभिन्न आयामों की चर्चा करते हुए उनके प्रभावों के बारे में सविस्तार अवगत करवाया.कार्यशाला के तृतीय सत्र में स्ट्रेस से बचने तथा इसके दुस्प्रभावों को कम करने हेतु योग,ध्यान के महत्व को समझाया महाविद्यालय के सभी विद्यार्थियों ने डॉ.सुनिता बाजिया के निर्देशन में विभिन्न योगाशनों का अभ्यास किया। कार्यशाला के चतुर्थ सत्र में माइण्ड फुलनेस मेडिटेसन थेरेपी का अभ्यास करवाया और बताया कि इस थेरेपी द्वारा हम अपने अन्दर अपने आस-पास हो रही घटनाओं के प्रति जागरूकता पैदा कर सकते है.


कार्यशाला के पंचम सत्र दा पॉवर ऑफ ब्रीथ प्राणायाम पर आधारित था जिसमें प्राणायाम का अभ्यास कराते हुए इसका स्वास्थ्य पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों के बारे में बताया.कार्यशाला के अन्तिम सत्र में विद्यार्थियों के योग एण्ड स्ट्रेस मेनेजमेंट से सम्बन्धित जिज्ञासाओं तथा प्रशनों का समाधान करने हेतु सामुहिक चर्चा की गई.


इस सत्र में डॉ.हरसुखराम छरंग ने योग का वैज्ञानिक संबंध बताते हुए स्ट्रेस के प्रकारों तथा स्ट्रेस की स्थिति में शरीर में होने वाले हार्मोनल परिवर्तन के बारे में बताया.इसी सत्र में कार्यशाला के अध्यक्ष डॉ.महेन्द्रसिंह राठौड ने वर्तमान की व्यस्ततम जीवनशैली में शरीर व मन के आपसी सामंजस्य स्थापित करने में योग की महत्वपूर्ण भुमिका बताई.


महिला नीति के सहयोगी सदस्य डॉ.सुलोचना शर्मा तथा बबीता विश्नोई ने धन्यवाद ज्ञापित किया.इस अवसर पर डॉ.दिलिप पंवार, प्रो.सुखराज पुनड,महेन्द्र कुमार सोनी, डॉ.अभिलाषा चौधरी, प्रो.लाखाराम, महेन्द्र सोनी (योगा ट्रेनर) तथा चन्द्रशेखर डेटा ऐन्ट्री ऑपरेटर उपस्थित रहे.


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