Jaipur : राजस्थान में सत्ता के संगम के लिए कांग्रेस और बीजेपी के आला नेता जयपुर आ रहे हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी 23 सितंबर को तथा प्रधानमंत्री मोदी की 25 सितंबर को जयपुर में बड़ी सभा होगी. कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों सभा को सफल बनाने के लिए तैयारी में जुटी हुई है. कांग्रेस में जयपुर जिले की 19 विधानसभा सीटों पर 57 हजार कार्यकर्ताओं को सभा में लाने का टारगेट दिया गया है यानी एक सीट से 3000 कार्यकर्ताओं के जयपुर सभा में पहुंचने का टारगेट है. 


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प्रदेश कांग्रेस के नए कार्यालय के शिलान्यास के लिए 23 सितंबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राष्ट्रिय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जयपुर आ रहे हैं. इस मौके पर सभा में दोनों नेता कांग्रेस के बूथ स्तर तक के पदाधिकारियों के साथ संवाद करेंगे. इधर सभा की तैयारी में प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा सहित प्रदेश पदाधिकारी जुटे है. जिलाध्यक्षों और नेताओं के टास्क दिए जा रहे है. इसी को लेकर बुधवार को कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और सह प्रभारी अमृता धवन ने पीसीसी वॉर रूम में जयपुर शहर कांग्रेस और जयपुर के विधायकों के साथ बैठक की. 


ये रहे बैठक में मौजूद


इस दौरान बैठक में शहर अध्यक्ष आर आर तिवाड़ी और मंत्री लालचंद कटारिया, राजेंद्र यादव, सुभाष गर्ग और विधायक इद्रराज गुर्जर मौजूद रहे.  जिसमे प्रदेश भर के बूथ अध्यक्षों, मडल अध्यक्षों और कार्यकारिणी, ब्लॉक कार्यकारिणी, जिला कार्यकारिणी, प्रदेश कार्यकारिणी, विधायकों, प्रत्याशियों और पार्टी में सक्रिय नेताओं के साथ साथ जयपुर की 19 विधानसभा सीटों के प्रत्येक से तीन तीन हजार कार्यकर्तों को लाने का टास्क दिया गया है. 



बैठक के बाद तैयारियों को लेकर अमृता धवन ने कहा कि कार्यकर्ता उत्साहित होकर राहुल गांधी की सभा की तैयारियों में जुटे है. कांग्रेस के लिए ब्लॉक और बूथ तक का कार्यकर्ता सबसे महत्वपूर्ण है. इनके दम पर ही चुनाव जीतेंगे. देश में दो विचारधारा की लड़ाई है ऐसे में लोगो को तय करना होगा की देश को एक साथ कौन रख सकता है. कांग्रेस के कार्यों का बेंचमार्क कार्यकर्ताओं के बीच रखने का काम किया जाएगा.  


प्रहलाद जोशी के बयान पर किया पलटवार 


बैठक के बाद अमृता धवन ने  भाजपा के संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि प्रदेश में बलात्कार अत्याचार होते तो बीजेपी महिला बिल के लटकाती ? मणिपुर में बेटियों से जो दुराचार हुआ उसपर पीएम मोदी  कुछ नहीं बोले, इससे दिखता है की महिला विरोधी सोच किसकी है. धवन ने कहा की महिला आरक्षण का गुब्बारा दिखा लेकिन वह तो फुस्स निकला. अगर हिम्मत होती तो 2024 में ही उसे लागू करते. धवन ने कहा कि पंचायतों में महिला आरक्षण राजीव गांधी की देन है, बीजेपी वाले हमें  नहीं सिखाएं कि महिला आरक्षण क्या होता है.  इस दौरान धवन ने केंद्र सरकार को किसान बिलों को लेकर भी आड़े हाथों लिया. 


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