Rajsamand News: पोक्सो कोर्ट के न्यायाधीश सुनील कुमार पंचोली ने वर्ष 2011 के एक बड़े मामले में आरोपी को सजा सुनाते हुए जेल भेजने के आदेश दिए हैं, तो वहीं आरोपी पर जुर्माना भी लगाया गया है. आपको बता दें कि एक 09 वर्षीय बालक के साथ अप्राकृतिक मैथुन करने के आरोपी शहजाद सांई उर्फ सलिया उर्फ सल्लू को पोक्सो कोर्ट के न्यायाधीश सुनील कुमार पंचोली ने 20 वर्ष के कठोर कारावास और 33 हजार रूपए के जुर्माने की सजा से दंडित किया है. 


 20 साल की कठोर कारावास


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इसको लेकर राजसमंद विशेष लोक अभियोजक राहुल सनाढ्य ने बताया कि 06 नवम्बर 2021 को पीड़ित बालक के पिता ने रेलमगरा थाने में एक लिखित रिपोर्ट पेश की थी कि उसका पुत्र कक्षा 5 में पढ़ता है और उसके साथ ही रहता है. उस दिन बालक का पिता प्रार्थी काम पर गया हुआ था तो वहीं बालक की मां अपने पीहर गई हुई थी. उसी दिन दोपहर को उसकी भतीजी ने उसे फोन कर घर बुलाया तो उसका पुत्र रो रहा था. जिसने पूछने पर रोते हुए बताया कि शहजाद उर्फ सलिया उसे पड़ोसी के घर के पीछे कुत्ते के बच्चे दिखाने की बात कहकर ले गया और वहां पर आरोपी ने बालक का कपड़े उतरवाया घिनौना काम  किया. इस पर बालक रोने लगा तो आरोपी शहजाद ने कहा कुछ नहीं होगा. इसके बाद आरोपी शहजाद उसे छोड़कर वहां से भाग गया. 


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इस पूरे मामले को रेलमगर थाना पुलिस उस वक्त गंभीरता से लिया और अरोपी को गिरफ्तार किया. बता दें कि पीड़ित बालक व राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए विशिष्ट लोक अभियोजक राहुल सनाढ्य ने 29 दस्तावेज तथा 15 गवाह न्यायालय में पेश किए. न्यायालय द्वारा दोनों पक्षों की बात सुनने के पश्चात शहजाद साईं उर्फ सल्लू उर्फ सलिया को दोष सिद्ध घोषित किया गया.


न्यायालय द्वारा अभियुक्त को निम्न रूपेण किया गया दंडित


धारा 363 भा. द. स. में 3 वर्ष का कठोर कारावास तथा 3000/ जुर्माना
धारा 377 भा द स में 10 वर्ष का कठोर कारावास तथा 10,000/ जुर्माना