Khandela: हॉकी के जादूगर मेजर ध्‍यान चंद की जयंती 29 अगस्‍त से राजस्‍थान में शुरू हुए राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेलों में स्‍कूली बच्‍चों से लेकर बुजुर्ग तक हाथ आजमा रहे हैं. 


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कहीं पारम्‍परिक वेशभूषा घाघरा-लूगड़ी पहने सास-बहू, काकी और दादी मैदान में खेलती नजर आ रही हैं तो कहीं रूमाल-लूंगी में दादा ताऊ खेलते दिखे. 


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ऐसा ही नजारा सीकर जिले के खंडेला पंचायत समिति के मशहूर बावड़ी के हॉकी मैदान में देखने को मिला. गांव बावड़ी में महिलाओं के बीच हॉकी का मैच खेला गया तो खिलाड़ी तो क्या, दर्शक भी अपने आप को नहीं रोक पाये. इसमें मैच में सास-बहू, देवरानी-जेठानी और स्‍कूली छात्राएं हॉकी खेलती नजर आई. गांव बावड़ी के सीनियर सैकंडरी स्‍कूल के खेल मैदान में हॉकी खेल रहीं ग्रामीण महिलाओं की रफ्तार देखकर हर कोई अचंभे में पड़ गया.


बिना किसी प्रैक्टिस के हाथों में स्टिक थामे घर के आंगन तक सीमित रहने वाली ग्रामीण महिलाओं ने घूंघट की ओट में जमकर गोल दागे. इस टीम में हरकोरी और धनी देवी देवरानी-जेठानी की जोड़ी भी मैदान में उतरी थी. यह मैच देखने के लिए बड़ी संख्‍या में ग्रामीण बावड़ी स्‍कूल के मैदान पर पहुंचे. यहां पर लहंगा-लुगड़ी और सिर पर पल्लू रखकर मैदान में गोल पर गोल दागे तो लोग हैरान रह गए. 


ग्रामीणों ने उम्रदराज खिलाड़ियों का तालियां बजाकर स्वागत किया और हौसला बढ़ाया. इस मैच में महिलाओं की टीम में करीब 6 महिलाएं ऐसी थीं, जिनकी उम्र 60 साल से ज्यादा थी. टीम में देवरानी-जेठानी हरकोरी और धनी देवी भी थी. हॉकी के लिए उन्हें दोनों की पोती प्रेम ने ही सामान्य प्रैक्टिस करवाई थी.


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