Anupgarh News: शिमला हाई कोर्ट के जरिए 3 जनवरी 2024 को फैसला सुनाया गया था कि घडसाना क्षेत्र के गांव 4 एसकेएम में 50 बीघा भूमि को हिमाचल प्रदेश के दो व्यक्तियों के नाम की जाए.  उन्हें इसका कब्जा दिलवाया जाए. इसी फैसले के खिलाफ रविवार को अनूपगढ़ के सिंह सभा गुरुद्वारा में पोंग बांध विस्थापित कमेटी की एक बैठक आयोजित हुई. 


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बैठक में अनूपगढ़, श्री विजयनगर, घडसाना और रावला के किसानों ने भाग लिया.बैठक में शिमला हाई कोर्ट के जरिए सुनाए गए फैसले का विरोध किया गया . साथ ही निर्णय लिया गया कि इसका विरोध करते हुए मंत्रियों से मिलेंगे. और क्षेत्र के किसानों को हक दिलवाने का प्रयास किया जाएगा.


 इससे पूर्व कमेटी ने कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल से मुलाकात कर, उन्हें समस्या से अवगत करवाया था केंद्रीय कानून मंत्री ने तुरंत संज्ञान लेते हुए राजस्थान कैबिनेट मंत्री जोगाराम से इस विषय में दूरभाष में बात कर पूरी जानकारी ली.


जसविंदर सिंह ने बताया कि 6ए मामले में अनूपगढ़ जिले में लगभग 1188 मुरब्बो का मामला विचाराधीन है.इस मामले में अनूपगढ़ जिले के लगभग 5 हजार परिवार प्रभावित हो रहे है.जिन्होंने हिमाचल के लोगों से यह जमीन खरीद की थी.उन्होंने बताया कि 1991 में यहां के किसानों ने राजस्थान सरकार शुल्क जमा करवाया था और राजस्थान सरकार की ओर आवंटन आदेश जारी किया था.


कमेटी के अध्यक्ष मनोहर लाल चावला ने बताया कि 6 ए मामले के तहत 3 जनवरी 2024 को शिमला हाई कोर्ट के द्वारा जो निर्णय सुनाया गया है. हाई कोर्ट में जो 50 बीघा जमीन हिमाचल के दो व्यक्तियों के नाम की गई है.वह जमीन पर यहां स्थानीय किसानों ने लगभग 30 से 35 वर्षों से उन्ही से खरीद की हुई है.


इसी संबंध में 23 फरवरी को पोंग बांध स्थापित कमेटी के शिष्टमंडल के मनोहर चावला,विनोद पाचार,बब्बू बहोलिया,जसवंत चन्दी,बंशीलाल जसूजा केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से मिले थे और उन्हें पूरी समस्या से अवगत करवाया था उन्होंने बताया कि इस समस्या पर केंद्रीय मंत्री ने तुरंत प्रभाव से संज्ञान लेते हुए राजस्थान कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल से फोन पर बात कर क्षेत्र के किसानों की समस्या के तुरंत समाधान के लिए निर्देशित किया.


बब्बू बहेलिया ने बताया कि केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के कहने के बाद 24 फरवरी को शिष्ट मंडल जयपुर में कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल से मिले और उन्हें भी समस्या के बारे में बताया उन्होंने शिष्ट मंडल को 27 फरवरी मंगलवार को पुनः जयपुर बुलाया है. उन्होंने बताया कि इसी विषय पर आज गुरुद्वारे में एक बैठक का आयोजन किया गया बैठक में सभी किसानों ने निर्णय लिया है कि वह अपने हक के लिए मंत्रियों और न्यायालय की शरण में जाएंगे.