श्रीगंगानगर: अनूपगढ़ क्षेत्र में ऐसा गिरोह सक्रिय है, जो मृत लोगों के नाम की जमीन का पता लगाकर उनके फर्जी आधार कार्ड तैयार कर जमीन का मालिक बन जमीन का सौदा कर इकरारनामा कर लेते है,इकरारनामे की एवज में कुछ राशि लेकर कुछ समय के लिए अंडर ग्राउंड हो जाते है,जब पीड़ित पक्ष रजिस्ट्री करवाने के लिए इधर-उधर भटकता है तो उसे अपने साथ हुई ठगी का पता चलता है.


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ठगी का अनोखा मामला
लगभग साल पुराने पुलिस थाना दर्ज मामलें में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार किया है. अनूपगढ़ पुलिस थाना में आरोपी के खिलाफ अलग-अलग दो मामले दर्ज हैं. इसके अलावा लूणकरणसर,रामगढ़ और सूरतगढ में अन्य थानों में मामले दर्ज हैं. वहीं सरगना ने जिन अन्य लोगों के साथ मिलकर ठगी की,उनके खिलाफ अन्य थानों में दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं


पुलिथ थाना के एएसआई लक्ष्मण सिंह ने बताया कि बलजीत सिंह पुत्र निवासी बलवंत सिंह निवासी 3 एसएम छत्रगढ़ ने कई लोगों के साथ मिलकर ठगी करने के लिए गिरोह बना रखे हैं. पहले मामले में ठगी करने के लिए नक्षत्र सिंह के साथ मिलकर 1998 में मृत हो चुके गुरदयाल सिंह रामगढिया की जमीन को सतपाल सिंह निवासी 14 एसजेएम को बेचान कर दिया. 


फर्जी आधार कार्ड भी तैयार किया
इसके लिए उसने गुरदयाल सिंह का फर्जी आधार कार्ड भी तैयार किया. जब सतपाल सिंह को अपने साथ हुई ठगी का पता चला तो उसने पुलिस थाना में मामला दर्ज कराया. मामले की जांच कर रहे एएसआई लक्ष्मण सिंह और हेड कांस्टेबल पदम सिंह ने अनुसंधान के दौरान आरोपी बलजीत सिंह को दस्तयाब कर पूछताछ की गई तो उसने सतपाल सिंह के साथ ठगी करने की बात कबूल कर लिया. 


उसने पुलिस को बताया कि मृत व्यक्ति गुरदयाल सिंह के बारे में उसके साथी नक्षत्र सिंह ने सारी जानकारी जुटाई थी. वहीं नक्षत्र सिंह ने ही गुरदयाल सिंह बनकर स्टॉम्प की खरीद की और जमीन का इकरार नामा लिखवाया था. पुलिस ने बताया कि नक्षत्र सिंह की तलाश की जा रही है. वहीं इसी साल गिरफ्तार आरोपी ने अपने ससुराल के पास के गांव 16 एसजेएम के एक व्यक्ति को ठगी का शिकार बनाया.


मामा- भांजा गैंग कर रहे लोगों से ठगी
 इस मामले में 16 एसजेएम निवासी बोहड़ सिंह के साथ ठगी करने के लिए घड़साना 7 आरजेएम निवासी जसवंत सिंह पुत्र राजदेव सिंह एवं जालवाली निवासी राजू सिंह पुत्र प्रकाश सिंह दो मामा भांजा को अपने साथ मिलाया. तीनों ने मिलकर बोहड़ सिंह का ठगने की साजिश रची. इस मामले में उक्त आरोपी और मामा जसवंत सिंह ने बोहड़ सिंह को घड़साना क्षेत्र के गांव एक आरएसएम की एक जमीन दिखाई, जो 2010 में मृत हो चुके रोशन सिंह के नाम पर थी.


भूमि की जमाबंदी परिवादी को दिखाकर विश्वास में लिया
मामा भांजा गिरोह के भांजा राजू सिंह उक्त भूमि का मालिक रोशन सिंह बन गया. उसने रोशन सिंह पुत्र मंगल सिंह निवासी डबली राठान का फर्जी आधार कार्ड को मृत हो चुके रोशन नाम के नाम से बनाया और शपथ पत्र खरीद किया. जिसके आधार पर भूमि की जमाबंदी परिवादी को दिखाकर उसे अपने विश्वास में ले लिया. सब बाते तय होने के बाद बोहड़ सिंह ने उक्त तीनों को जमीन की एवज में एक लाख पचहत्तर हजार रूपए देकर इकरारनामा लिखवा लिया.


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जिसके बाद जब तय समय पर उसने जमीन की रजिस्ट्री करवानी चाही तो उन्होंने आनाकानी की तथा अंडर ग्राउंड हो गए. जब बोहड़ सिंह ने अपने स्तर पर छानबीन की तो मृतक रोशन सिंह के भाई इकबाल सिंह ने बताया कि उसके भाई की मृत्यु 2010 में हो चुकी हैं. जिसके बाद उसे अपने साथ हुई ठगी का पता चला. जिसके बाद परिवादी बोहड़ सिंह ने पुलिस थाना में मामला दर्ज करवाया. हेड कांस्टेबल पदम सिंह ने बताया कि अनुसंधान के दौरान बलजीत सिंह को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया है. इस मामले के आरोपी मामा भांजा की तलाश जारी है. वहीं इस आरोपी से अन्य मामलों पर से भी पर्दा उठने की संभावना हैं.