कोलकाता: पश्चिम बंगाल में 2021 में होने वाले विधान सभा चुनाव को मद्देनजर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अभी से ही कमर कस ली है. ममता बनर्जी ने अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत के लिए नए और आधुनिक दृष्टिकोण का विकल्प अपनाते हुए खुद ही जनता के समक्ष आकर उसे ही उनके समस्या को सुनने और उस पर मनन करने का निश्चय लिया है. नए-नए तरीकों के पीछे कुशल राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर हैं. सीएम ममता बनर्जी ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायकों के साथ बैठक में एक वेबसाइट और नंबर लांच किया. इसके जरिये पश्चिम बंगाल के लोग सीएम को सीधे तौर पर अपनी समस्या या सुझाव भेज सकते हैं.


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सीएम ममता बनर्जी ने बैठक में कहा कि प्रदेश के सभी लोगों को सुनना और उनकी समस्याओं का सही तौर से समाधान करने के प्रयास करने का, ये एक जरिया है. उन्होंने बताया कि पहले 100 दिनों में तृणमूल कांग्रेस के एक हजार कार्यकर्ता तक़रीबन दस हज़ार गांव में जाकर लोगों से मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याओं को हम तक पहुंचाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफार्म का उपयोग करने के लिए www.didikebolo.com  नाम की एक वेबसाइट भी लॉन्च की गई है.


 



उन्होंने कहा कि इसपर युवा पीढ़ी अपने सुझाव भेज सकेगी. हालांकि, ममता बनर्जी इसे चुनाव प्रचार का मध्याम नहीं मान रही हैं. उनका कहना है कि राज्य के लोगों के साथ जुड़ने और उन तक पहुंचने की यह एक नई सोच है.


2019 के लोकसभा चुनाव के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस कुछ बिखरती हुई दिखी है. पश्चिम बंगाल में भाजपा ने 2 सीटों से बढ़कर 18 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल कर तृणमूल कांग्रेस की कमर तोड़ दी है. चुनाव के बाद उनके कई विधायक और कार्यकर्ता तृणमूल कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो रहे हैं. वहीं, कट मनी (कमीशन) के मुद्दे पर टीएमसी के कई नेताओं की छवि खराब हुई है. इसको भी पार्टी को भुगतना पड़ रहा है. 


वहीं, बीजेपी नेता मुकुल रॉय ने उनकी इस योजना को विफल बताते हुए कहा कि लोगों के साथ उनका संपर्क टूट चूका है. ममता बनर्जी ने कभी लोगों के बारे में नहीं सोचा. उन्होंने कहा कि अगर आम जनता उनसे कट मनी पर सवाल पूछेगी तो वह क्या जवाब देंगी. हालांकि, कोलकाता में लगे 'दीदी के बोलो' के पोस्टर लोगों को आकर्षित कर रहे हैं. 


(इनपुट कमलिका सेनगुप्ता)