Cyclone Mocha News: बंगाल की खाड़ी के दक्षिणपूर्व में एक चक्रवात के बनने के शुरुआती संकेत मिले हैं. इसे लेकर 7 से 11 माई तक पश्चिम बंगाल और ओडिशा में अलर्ट जारी किया गया है. मछुआरों और नौ-परिवहन से जुड़े लोगों को इस क्षेत्र में जाने को लेकर चेतावनी जारी की गई है. क्योंकि इस क्षेत्र में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है.


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साल का पहला चक्रवात
यह चक्रवात 2023 का पहला चक्रवात होगा. चक्रवात का नाम ‘मोचा’ रखा गया है. यमन ने लाल सागर तट पर अपने एक बंदरगाह शहर ‘मोचा’ के नाम पर चक्रवात के इस नाम को सुझाया है.  बता दें विश्व मौसम विज्ञान संगठन के जरिए चक्रवात के नामकरण की प्रणाली को अपनाया जाता है. जिसमें कि संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक आयोग (ESCAP) के सदस्य देशों का दखल होता है. चक्रवात के नाम को लेकर यमन ने इसका सुझाव दिया था.


मौसम विभाग ने जताया ये अनुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि छह मई को चक्रवाती परिसंचरण की स्थिति बन सकती है. मौसम प्रणाली के आठ मई को कम दबाव के क्षेत्र में केंद्रित होने और नौ मई को एक चक्रवात में तेज होने की आशंका है. उन्होंने कहा कि चक्रवात के बंगाल की मध्य खाड़ी की ओर बढ़ने का अनुमान है.


महापात्रा ने कहा, 'हम चक्रवाती परिसंचरण का क्षेत्र बनने से पहले ही पूर्वानुमान जारी कर रहे हैं ताकि मछुआरें और नौ-परिवहन से जुड़े लोग इसी के अनुसार अपनी योजना बना सकें.' उन्होंने मछुआरों से दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी में नहीं जाने का आग्रह किया. महापात्रा ने कहा, 'कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद हम चक्रवात मार्ग के बारे में ब्योरा जारी करेंगे.'


मई में सबसे अधिक आते हैं चक्रवात
अप्रैल, मई और जून हिंद महासागर क्षेत्र के लिए चक्रवात का मौसम है और मई में चक्रवातों की सबसे ज्यादा आते हैं. अन्य चक्रवाती मौसम अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर है.