UP Police Exam 2024 : यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा रद्द कर दी गई है. प्रदेश में इतनी बड़ी भर्ती परीक्षा रद्द होने के 15 दिनों में ही भर्ती बोर्ड की डीजी रेणुका मिश्रा को भी हटा दिया गया है. रेणुका मिश्रा पर 60 हजार से ज्यादा पुलिस आरक्षी भर्ती पदों के लीक को लेकर एग्जाम के दिन से ही सवाल उठने लगे थे. सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक मुहिम चल रही थी. हजारों युवा लखनऊ से लेकर प्रयागराज तक विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. इसके बाद उत्तर प्रदेश भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने परीक्षा से जुड़ी शिकायतों का संज्ञान लिया. डेढ़ हजार से ज्यादा ऑनलाइन शिकायतें आयोग को मिलीं. प्रारंभिक जांच के बाद एक हफ्ते के भीतर ही एग्जाम रद्द कर दिया गया. यूपी एसटीएफ को अब जांच सौंपी गई है. 


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कौन हैं आईपीएस रेणुका मिश्रा....
रेणुका मिश्रा 1990 बैच की आईपीएस अफसर हैं. वह उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड का अध्यक्ष बनाए जाने से पहले यूपी पुलिस का डीजीपी बनने की रेस में थीं. हालांकि वह सीनियारिटी के क्रम में 4 सीनियर आईपीएस अधिकारियों से पीछे थीं. उत्तर प्रदेश सरकार ने 2021 में ही डीजी पद पर प्रमोट किया था. लेकिन पेपर लीक केस से उनकी साख को धक्का लगा. 


रेणुका मिश्रा ने बीकॉम कॉमर्स और इकोनामिक्स के साथ एमए पब्लिक ऐड में किया है. उन्हें साल 2005 में डीआईजी, 2010 में आईजी, 2014 में एडीजी और 2021 में डीजी पद पर प्रमोट किया गया था. उन्हें 26 जनवरी 2023 को DGs COMMENDATION DISC PLATINUM पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.


 तेजतर्रार पुलिस अधिकारियों में
आईपीएस रेणुका मिश्रा की गिनती यूपी की तेज तर्रार पुलिस अधिकारियों में होती रही है. साल 2021 में उन्हें प्रमोट करके डीजी बनाया गया था. उस समय रेणुका मिश्रा को SIT की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. अगर रेणुका मिश्रा को डीजीपी बनाया जाता तो यह यूपी पुलिस के इतिहास में पहली बार होता. रेणुका मिश्रा को अब तक की पुलिस सेवा में कई अवार्ड मिल चुके हैं. इसमें राष्ट्रपति पुलिस पदक, भारतीय पुलिस पदक जैसे अवार्ड शामिल हैं. रेणुका मिश्रा बचपन से ही खाकी वर्दी पहनने का ख्वाब देखती थीं. उनकी मां 50 के दशक की पहली महिला थीं जिन्होंने एनसीसी ज्वाइन किया था. लेकिन पेपर लीक केस में वो सवालों के घेरे में आ गईं.


जांच समिति का गठन
उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा मामले में आंतरिक समिति का गठन आने वाले समय में निकलने वाली भर्तियों और उसकी तैयारियों को लेकर सहूलियत को देखते हुए किया गया है, कथित पेपर लीक की जांच के लिए नहीं. भर्ती बोर्ड की डीजी रेणुका मिश्रा ने साफ किया कि ये समिति एग्ज़ाम प्रक्रिया के मूल्यांकन को लेकर रिपोर्ट तैयार करेगी जिससे भविष्य में होने वाली भर्ती प्रक्रिया में सुधार लाए जा सकें. समिति सोशल मीडिया पर फ्लोट हो रहे अनवेरिफाइड दावों की भी जांच करेगी ताकि दावों की सच्चाई बाहर आ सके. 


भर्ती बोर्ड की इंटरनल समिति करेगी फैसला
भर्ती बोर्ड की डीजी रेणुका मिश्रा ने साफ कर दिया है कि एग्ज़ाम से पहले कोई भी क्वेश्चन पेपर किसी भी सोशल मीडिया पर अपलोड नहीं हुआ है. जो कुछ भी सोशल मीडिया पर शेयर किया गया, वो एग्ज़ाम के बाद किया गया है, जो कैंडिडेट एग्ज़ाम में बैठे थे उन्हें क्वेश्चन पेपर घर ले जाने की अनुमति थी. भर्ती बोर्ड की इंटरनल समिति इन पोस्ट्स को पढ़ेगी और उसके पीछे की सच्चाई और दावों की जांच करेगी। डीजी ने कहा कि बोर्ड और सरकार का ध्यान हमेशा पारदर्शिता और योग्यता पर होता है इसलिए सभी बिंदुओं और मामलों की ईमानदारी से जांच की जाएगी.


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